ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का धूमधाम से मनाया गया 136वां जन्मोत्सव

सरगुजा। श्री श्री अवतरित पुरुष ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का 136वां जन्मदिवस धूम धाम से मनाया गया इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से ही नही अपितु दूसरे राज्य से भी उड़ीसा, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश से उनके सत्संगी भाई भारी संख्या मे उपस्थित हुए थे। प्रातः सुबह 6 बजे प्रार्थना सत्संग का आयोजन किया गया जिसमे हजारों की संख्या मे सत्संगी भाइयों ने भाग लेकर प्रार्थना को सफल बनाया तत्पश्चात ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के सम्मान मे पूरे शहर मे शोभायात्रा निकाला गया शहर का भ्रमण करते हुए वापस लौट कर सत्संग स्थान पर कार्यक्रम का समापन किया गया और फिर धर्म सभा का आयोजन किया गया जिसमे सभी सत्संगी भाई गुरुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया|
ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके बारे मे बताया कि जैसे भगवान विष्णु के अवतार राम भगवान कृष्ण भगवान के अवतार वासुदेव व अन्य हुए इसी प्रकार से बुद्धि के अवतार श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी कलयुग मे लोगों को बचाने और आगे बढ़ने कि शिक्षा देने आए हैं। सत्कर्म के मार्ग पर चलने का प्रेणना देते हुए कहा कि आज हम कलयुग मे रह रहे हैं भगवान विष्णु और कृष्ण भगवान ने तो द्वापर युग और त्रेता युग मे जन्म लिए थे और हमारे अनुकूल चंद्र जी कलयुग मे जन्म लिए हैं। द्वापर और त्रेता युग मे भगवान कृष्ण भगवान राम ने जन्म लेकर राक्षसों व बुराइयों का नाश किया था परंतु कलयुग मे तो हर कोई विद्यमान है तो इनका नाश न कर के इन्हे सत्कर्म मार्ग पर चलने के लिए जागरूक करने के लिए ठाकुर अनुकूल चंद्र जी धरा पर कार्य रूप मे हुआ है।
उन्होंने पूरे सृष्टि को बचाने और बढ़ाने का प्रयास कर सभी को सत्कर्म की ओर चलने का प्रेणना दे रहे हैं। सत्संग मेला मे विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था भारी संख्या मे गुरु भाइयों ने प्रसाद ग्रहण किया साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया था जिसमे कई लोगों ने स्वास्थ्य उपचार का लाभ लिया। इसी कड़ी मे कोरबा लोकसभा क्षेत्र से पहुंची समाज सेविका रितेश्वरी गढ़वाल ने भी ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के मार्गदर्शन पर चलते हुए उनके आदर्शों का पालन अपने जीवन मे करना बताया साथ ही कहा कि मैं समाज के लिए हर संभव प्रयास करती रहूंगी जिसमे समाज की भलाई होगी और ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का दीक्षा संस्कार हर नागरिक को दिलाने का प्रयास करती रहूंगी।