10 घंटे की पूछताछ और फिर गिरफ्तारी… शराब घोटाला मामले में आखिर कैसे आया संजय सिंह का नाम

नई दिल्ली। शराब घोटाला केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार पहले ईडी की टीम की ओर से उनके आवास पर छापेमारी की गई और करीब दस घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दिल्ली शराब घोटाला मामले में पहले से ही दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल में हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह गिरफ्तारी गैरकानूनी है। ईडी की टीम संजय सिंह को लेकर अपने ऑफिस पहुंची है और उन्हें गुरुवार कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस पूरे मामले में आखिर संजय सिंह का नाम कैसे आया।

आरोप है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए दिल्ली सरकार की 2021-22 के लिए लाई गई आबकारी नीति ने गुटबंदी को बढ़ावा दिया और कुछ डीलर को फायदा पहुंचाया जिन्होंने इसके लिए कथित तौर पर रिश्वत दी थी। आरोपी दिनेश अरोड़ा इस केस में मुख्य कड़ी माना जा रहा है। ED ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया था कि दिनेश अरोड़ा ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की थी और इस मीटिंग में संजय सिंह भी मौजूद थे।

ED ने अपने आरोपपत्र में संजय सिंह के नाम का उल्लेख किया था। इसमें कहा गया है कि बिचौलिए दिनेश अरोड़ा ने कहा था कि वह सिंह से अपने रेस्तरां अनप्लग्ड कोर्टयार्ड में एक पार्टी के दौरान मिला था। इसमें कहा गया है कि संजय सिंह की ओर से दिल्ली विधानसभा चुनाव के वास्ते फंड जुटाने के लिए कहा गया था। अरोड़ा ने कहा है कि उसने भी चेक दिया।

आरोपपत्र के अनुसार, दिनेश अरोड़ा ने अपने बयान में कहा कि एक अन्य आरोपी – अमित अरोड़ा – अपनी शराब की दुकान ओखला से पीतमपुरा स्थानांतरित करने में मदद चाहता था। आरोप है कि वह (अरोड़ा) संजय सिंह के माध्यम से ऐसा कराने में कामयाब रहा क्योंकि सिंह ने सिसोदिया से कहा, जिसके बाद आबकारी विभाग ने मामले का निस्तारण किया।

दिनेश अरोड़ा ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वह सबसे पहले एक कार्यक्रम में संजय सिंह से मिला था। इसके बाद वह आम आदमी पार्टी के दूसरे नेताओं से मिला। जिस वक्त आज जब संजय सिंह के आवास पर ईडी की छापेमारी चल रही थी उस वक्त बीजेपी की ओर से दावा किया गया कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में एक आरोपी दिनेश अरोड़ा ने जांच एजेंसी को बताया है कि उसने संजय सिंह की मौजूदगी में केजरीवाल के आवास पर उन्हें रिश्वत के रूप में 32 लाख रुपये का चेक दिया था।

AAP ने इस आरोप का खंडन किया है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने CBI से इस मामले की जांच कराने की सिफारिश की थी जिसके बाद इस नीति को रद्द कर दिया गया था। ED ने संजय सिंह के तीन सहयोगियों अजीत त्यागी, सर्वेश मिश्रा और विवेक त्यागी के यहां छापे मारे थे। इनके फोन भी जब्त किए थे। कई बार पूछताछ हुई। तब भी संजय सिंह ने कहा था कि जितनी चाहे जांच कर लो। मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल पाएगा।

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