दुर्ग : जिले में 11 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर सीएएफ आरक्षक के अपहरण और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मामले में पुलगांव पुलिस ने कोहका निवासी हरजीत कौर और कार चालक कृष्णा सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं.
कंट्रोल रूम में अपने अपहरण की सूचना दी
एएसपी शोजराज अग्रवाल ने बताया कि रायगढ़ छठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक विजय सील ने रविवार शाम कंट्रोल रूम में अपने अपहरण की सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलगांव पुलिस की टीम गोकुल नगर पहुंची. यहां एक कार में महिला, चालक और दो अन्य लोग मिले.
महिला ने क्या बताया ?
पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया कि वह परिवार के साथ खेत देखने आई थी. पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी लोगों के मोबाइल नंबर और तस्वीरें दर्ज कर जांच शुरू की. आरक्षक विजय सील ने पुलिस को बताया कि उसने हरजीत कौर से ब्याज पर 11 लाख रुपए लिए थे और पिछले करीब सात महीने से रकम का भुगतान टाल रहा था. आरोप है कि इसी रकम की वसूली के लिए हरजीत कौर ने उसे दुर्ग बस स्टैंड बुलाया. वहां नाश्ता कराने के बहाने उसे कार में बैठाया गया और गोकुल नगर ले जाया गया.
आरक्षक के साथ मारपीट की गई
आरोप है कि गोकुल नगर पहुंचने के बाद आरक्षक के साथ मारपीट की गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए महिला और कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं फरार दो आरोपियों की तलाश जारी है. मामले में पुलिस लेन-देन, अपहरण और मारपीट से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.