निशाने पर क्यों हैं भूपेश बघेल? पहले ईडी और फिर सीबीआई रेड, क्या बीजेपी को मिलेगा कांग्रेस के खिलाफ बूस्टर

रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की है। इससे पहले उनके भिलाई स्थिति आवास पर शराब घोटाले के मामले में ईडी की टीम ने दस्तक दी थी। भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से भी ईडी की रडार पर हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम के यहां हो रही जांच को लेकर कांग्रेस का कहना है कि भूपेश बघेल की छवि को धूमिल करने के लिए बीजेपी सरकार साजिश कर रही है। आइए जानते हैं आखिर किन कारणों से भूपेश बघेल के यहां कार्रवाई हो रही हैं।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के यहां बुधवार को सीबीआई की टीम ने दस्तक दी। भूपेश बघेल को आज दिल्ली जाना था। उनके दिल्ली दौरे से पहले यह कार्रवाई की गई है। जिसके बाद राज्य की सियासत तेज है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूपेश बघेल के यहां कार्रवाई महादेव सट्टा ऐप घोटाले को लेकर हो रही है। महादेव सट्टा ऐप केस की जांच लंबे समय से ईडी की टीम कर रही है।

भूपेश बघेल का नाम कैसे आया

महादेव सट्टा ऐप घोटाले में भूपेश बघेल का नाम एक वीडियो जारी होने के बाद आया था। महादेव सट्टा ऐप का मालिक बताने वाले शुभम सोनी ने दुबई से एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उसने दावा किया था कि राज्य के तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए गए हैं। हालांकि भूपेश बघेल ने इस दावे को ठुकराते हुए कहा था कि उनकी छवि को खराब करने की कोशिश है। इस सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।

ईडी ने क्यों की थी कार्रवाई

मार्च महीने में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर ईडी ने रेड डाली थी। यह कार्रवाई राज्य में कथित शराब घोटाले को लेकर की गई थी। ईडी की दावा है कि शराब घोटाले के जरिए राज्य के राजस्व को करीब 2100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल भी जांच एजेंसी के टारगेट में हैं। शराब घोटाला मामले में कई अधिकारी जेल में हैं। राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं।

छवि धूमिल करने की कोशिश

भूपेश बघेल के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई पर कांग्रेस का कहना है कि पूर्व सीएम की छवि खराब करने के लिए बीजेपी सरकार ऐसा काम कर रही है। वहीं, भूपेश बघेल के खिलाफ कार्रवाई में बीजेपी नेता कह चुके हैं कि एजेंसी अपना काम कर रही है। वह इनपुट के आधार पर कार्रवाई करती है।

क्या छापों से छवि में पड़ेगा प्रभाव?

भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की सियासत का ‘काका’ कहा जाता है। भूपेश बघेल की छवि जमीनी नेता की है। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। यह चुनाव भूपेश बघेल के चेहरे पर ही हुआ था। वहीं, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार हुई थी खुद राजनांदगांव लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे भूपेश बघेल को भी हार का सामना करना पड़ा था। भूपेश बघेल इस समय पाटन से विधायक हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं।

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