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कौन हैं पूर्व आईएएस ओपी चौधरी, अमित शाह के हैं बेहद खास, छत्तीसगढ़ के हो सकते हैं अगले मुख्यमंत्री!

Chhattisgarh December 3, 2023 रिपोर्टर: Javed Akhtar
कौन हैं पूर्व आईएएस ओपी चौधरी, अमित शाह के हैं बेहद खास, छत्तीसगढ़ के हो सकते हैं अगले मुख्यमंत्री!

कौन हैं पूर्व आईएएस ओपी चौधरी, अमित शाह के हैं बेहद खास, छत्तीसगढ़ के हो सकते हैं अगले मुख्यमंत्री!

रायपुर। Chhattisgarh Assembly Election Result 2023: देश के चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 3 दिसंबर को मतगणना की जा रही है। इस चुनाव में कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां एक पूर्व आईएएस अफसर का नाम भी चर्चा का कारण बना हुआ है। कहते हैं कि इस आईएएस अधिकारी की अमित शाह से काफी करीबी और इसी के कारण पूर्व आईएएस को राजनीति में उतारा गया है। हम बात कर रहे हैं 22 साल की उम्र में आईएएस बनने वाले ओपी चौधरी की। इस लेख में हम आपको ओपी चौधरी के जीवन के कुछ हिस्सों के बारे में बताएंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ में पूर्व आईएएस अफसर के नाम को लेकर यह चर्चा भी है कि उन्हें छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

ओपी चौधरी की पढ़ाई-लिखाई
ओपी चौधरी के पिता दीनानाथ चौधरी एक शिक्षक थे। जब ओपी महज दूसरी कक्षा में थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया था। उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा अपने पैतृक गांव से ही पूरी की। इसके बाद उन्होंने भिलाई से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और फिर सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गए। ओपी चौधरी ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा को क्लीयर कर लिया। बता दें कि ओपी रायपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। साल 2018 में वो खरसिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

ओपी चौधरी के नाम है कई उपलब्धियां
ओपी चौधरी रायगढ़ जिले के बायंग गांव के रहने वाले हैं। इस जिले से पहली बार कोई शख्स आईएएस बना और वो थे ओपी चौधरी। अपनी 13 साल की सर्विस में उन्होंने छत्तीसगढ़ में कई योजनाओं पर काम किया, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई और उसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया। राजधानी रायपुर में स्थित प्रयास स्कूल ओपी चौधरी की ही देना मानी जाती है। ये इलाका नक्सल प्रभावित है। बावजूद इस इलाके में उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं की पढ़ाई के साथ बच्चों को रहने की भी सुविधा दी जाती है। दंतेवाड़ा में कलेक्टर के पद पर तैनाती के बाद उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाके को एजुकेशन हम में बदल दिया। इसके लिए साल 2011-12 में उन्हें प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

राजनीति में हुए शामिल
बकौल आईएएस अफसर ओपी चौधरी हमेशा जमीन से जुड़े रहे और समाज को विकसित करने के प्रयास करते रहे। साल 2005 बैच के आईएएस अफसर ने 13 साल सर्विस करने के बाद कलेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया। कहते हैं कि उनकी अमित शाह से करीबी रिश्ता है।

मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा
भाजपा ने इस ओपी चौधरी को रायगढ़ से अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने इस बार ओपी चौधरी की सीट बदल दी है। अगर ओपी चौधरी चुनाव जीतते हैं तो निश्चित तौर पर भाजपा में उनका कद बढ़ेगा। क्योंकि रायगढ़ में चुनाव प्रचार करने पहुंचे अमित शाह ने कहा था कि आप चौधरी को चुनाव जीता दें। इन्हें मैं बड़ा आदमी बना दूंगा। बड़ा आदमी बनाना मेरा काम है। बता दें कि ओपी चौधरी को लेकर ये चर्चा भी है कि छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री उन्हें बनाया जा सकता है।

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