रायपुर : वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा-2022 में दूसरा स्थान हासिल करने वाले शुभम देव अब मैदान में उतर कर प्रशासनिक कमान संभाल रहे है. अक्टूबर 2026 में हुए तबादलों के तहत उन्हें अब महासमुंद जिले के पिथौरा का अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम बनाया गया है. इससे पहले वह इसी जिले के बागबाहरा में बतौर एसडीएम अपनी सेवाएं दे रहे थे. शुभम देव की शैक्षणिक योग्यता की चर्चाएं भी चारों तरफ की जाती हैं.
आईआईटी कानपुर से की बी. टेक कंप्लीट
शुभम देव ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की थी. इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद उन्होंने साल 2017 में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. दिल्ली में रहकर उन्होंने कठिन मेहनत की और यूपीएससी के कई प्रयास किए. वह एक बार इंटरव्यू के दौर तक भी पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने सीजीपीएससी की परीक्षा भी दी और अपनी पहली ही कोशिश में पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया.
पहला लक्ष्य हमेशा से यूपीएससी
साल 2023 में रिजल्ट आने के बाद शुभम देव ने कहा था कि उनका पहला लक्ष्य हमेशा से यूपीएससी परीक्षा पास करना ही था. उन्होंने सीजीपीएससी की परीक्षा को एक सामान्य परीक्षा की तरह दिया था, लेकिन पहली ही बार में दूसरा स्थान पाकर उनका सफर बदल गया.
गौरतलब है कि शुभम के परिवार का सिविल सेवा से पुराना और मजबूत इतिहास रहा है. उनके माता-पिता शिक्षा विभाग से जुड़े रहे हैं. यही वजह है कि घर में पढ़ाई और अनुशासन का माहौल शुरू से मिला. इसके अलावा उनके परिवार से बड़े भाई राहुल देव आईएएस और भाभी भावना गुप्ता आईपीएस हैं.
भाई आईएएस और भाभी आईपीएस
आईएएस राहुल देव वर्तमान में कृषि विभाग में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह मुंगेली जिले के कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. वहीं उनकी भाभी भावना गुप्ता एक तेजतर्रार आईपीएसअधिकारी हैं, जो वर्तमान में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले की पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात हैं.