रायपुर : रायपुर से बड़ा ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया, जिसने सभी को चौंका कर रख दिया. शहर में नल कनेक्शन कटने और पहली की बकाया राशि का पूरा भूगतान करने के बाद भी उपभोक्ता को 1,96,456 रुपये जल शुल्क और सरचार्ज वसूली नोटिस भेज दिया. ये नोटिस भेजना रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) को महंगा पड़ गया है.
इस पूरे मामले को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अतिरिक्त खंडपीठ रायपुर ने आरडीए की इस कार्रवाई को पूरी तरह से सेवा में भारी कमी और मनमानी माना है. आयोग ने आरडीए द्वारा जारी किए गए 1,96,456 रुपये के इस वसूली वाले ज्ञापन को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है. इसके साथ ही उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये की राशि 45 दिन के भीतर उपभोक्ता को देने का आदेश दिया है. मामले में आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य डाॅ. आनंद वर्गीस की पीठ ने फैसला सुनाया है.
2021 में कट गया कनेक्शन, फिर भी लाखों का नोटिस
शहर के न्यू शांति नगर की रहने की वाली डॉ. सौम्य पाण्डेय ने बताया कि उनकी स्वर्गीय माता सुनीता पाण्डेय ने साल 2010 में आरीडीए की रावाभांठा योजना के तहत 30 वर्ष के लिए पट्टे पर प्लाट (भूखंड) लिया था. इस प्लाट पर पानी के लिए नल लगाया गया, जिसने पानी नहीं आता था. शिकायत के बाद कनेक्शन को काटने के लिए आवेदन दिया गया. जिसके बाद आरडीए ने 17 मार्च 2021 को नल का कनेक्शन काट दिया और इसके लिए उनसे 1,100 रुपये का शुल्क और बकाया राशि का भी भुगतान कराया गया.
सौम्य ने बताया कि प्लाट पर शिकायत के बाद नल कनेक्शन कटने के बावजूद आरडीएने 5 नवंबर 2024 को स्वर्गीय माता सुनीता पाण्डेय के नाम से 1,96,456 रुपये जल शुल्क और सरचार्ज का वसूली नोटिस जारी कर दिया. नोटिस से परेशान होकर परिवार ने अधिवक्ता आर.के. भावनानी के जरिए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा दी.
आयोग ने निरस्त किया वसूली ज्ञापन
जारी नोटिस पर सुनवाई के दौरान आयोग के सामने आरडीए की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद आयोग ने आरडीए की कार्रवाई की सेवा में कमी और मनमानी मानते हुए वसूली ज्ञापन को निरस्त कर दिया और शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में देने का आदेश जारी किया.