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विधानसभा : जहरीली शराब से मौत मामले पर गरमाया सदन, नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मामला

Chhattisgarh July 19, 2023 रिपोर्टर: shailesh
विधानसभा : जहरीली शराब से मौत मामले पर गरमाया सदन, नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मामला

विधानसभा : जहरीली शराब से मौत मामले पर गरमाया सदन, नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मामला

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल हंगामेदार रहा। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने जहरीली शराब से मौतों का मामला उठाया। श्री चंदेल ने कहा कि, जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम रोगदा में जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हुई। चंदेल ने कहा इस मामले में सरकार का जवाब गलत आया है। श्री चंदेल ने कांग्रेस के कार्यकर्ता पर शराब बेचने का आरोप लगाते हुउ कहा कि, इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई। चंदेल ने पूछा तीन लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है।

आबकारी मंत्री के सदन में मौजूद रहते भी वन मंत्री द्वारा जवाब देने पर विपक्ष ने उठाया सवाल। बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- ये संसदीय परंपरा के अनुरूप नहीं है। पहले विभागीय मंत्री जवाब देते हैं, फिर दूसरे विभाग के मंत्री ये अनुचित है। इस आबकारी मंत्री लखमा ने कहा- जहरीली शराब से नहीं दवाई और जहर के सेवन से हुई मौत। ऐसा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट हुआ विपक्ष। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा-सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। बृजमोहन अग्रवाल ने दवाई पीने से मौत की बात को घोर आपत्तिजनक करार दिया।

विस अध्यक्ष ने सरकार को पूरी जानकारी सदन में रखने को कहा तब फिर चंदेल ने पूछा- पीएम रिपोर्ट कब आई, उस रिपोर्ट में क्या लिखा है? नेता प्रतिपक्ष ने विस अध्यक्ष से मांग की, इस मामले की जांच विधानसभा की कमेटी से कराएंगे क्या? विस अध्यक्ष ने आसंदी से कहा- सरकार कल इस मामले की पूरी जानकारी सदन में मुहैया कराए। यह गंभीर मामला है, कल मामले के पूरे जवाब को सदन में रखें।

शर्मा ने विशेष आबकारी शुल्क पर मंत्री को घेरा

विधायक शिवरतन शर्मा ने आबकारी मंत्री से पूछा- विशेष आबकारी शुल्क में कितने का कलेक्शन हुआ। गौठान, शिक्षा- स्वास्थ्य के लिए कलेक्शन की राशि का कितना रुपया विभागों को दिया गया? मंत्री कवासी लखमा ने जवाब में कहा कि, 059 करोड़ गौठान में गया है। शिक्षा विभाग में 558 करोड़ दिया है। विपक्ष का आरोप पैसे विभागों में नहीं दिए गए और उसका दुरुपयोग किया गया है। शिवरतन ने पूछा कि, शराब बंदी के लिए 3 समितियों के गठन का कार्यकाल कितने समय के लिए निर्धारित किया था, कितना समय बढ़ाया गया और कब कब रिपोर्ट सौंपी गई..?

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