VIDEO : खालिस्तान मुर्दाबाद, भारत माता की जय… कनाडा में मंदिर के सामने हिंदुओं का जोरदार प्रदर्शन

ओटावा: कनाडा में बौखलाए खालिस्तान समर्थक अब हिंदुओं को परेशान करने में जुटे हैं। कनाडा के सरे में लक्ष्मी नारायण मंदिर खालिस्तानियों और हिंदुओं के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है। कथित तौर पर यहां खालिस्तान समर्थक हिंदू भक्तों को परेशान कर रहे हैं, जिसके बाद अब हिंदुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से जवाबी प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंदुओं की ओर से जवाबी प्रदर्शन ने खालिस्तान समूहों को वहां से जाने पर मजबूर कर दिया। लेकिन मंदिर अधिकारी कथित तौर पर अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित हैं।
सड़क के एक तरफ खालिस्तानी झंडा लेकर लोग खड़े थे, तो वहीं दूसरी ओर मंदिर के सामने लोग खड़े थे। हिंदू सिख एकता जिंदाबाद, भारत माता की जय और खालिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। इस दौरान पुलिस को भी बीच में खड़े देखा जा सकता है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों ने कहा कि यह लगातार हो रहा है। खालिस्तान समर्थक आकर विरोध करते हैं। हमें उनकी वजह से अपनी जान का डर है। हमारी बार-बार शिकायतों के बावजूद कनाडा की सरकार कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही है।
#BREAKING : Khalistani Groups were welcomed by Counter Protest at the gates of ‘Lakshmi Narayan Temple’ with ‘Bharat Mata ki Jai’ Slogans in Surrey, BC. 0n 19th Nov they issued open threat that they will attack the temple but in reality they were pushed away from the gates and… pic.twitter.com/uyndGlueyJ
— Siddhant Mishra (@siddhantvm) November 27, 2023
निज्जर को लेकर प्रदर्शन
हाल ही में खालिस्तान समर्थक कुछ अराजक तत्वों ने मिसिसॉगा में कालीबाड़ी मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया था। इस मंदिर को टोरंटो कालीबाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यहां एक दर्जन से ज्यादा खालिस्तानी समर्थकों ने भारत विरोधी नारे लगाए। आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ऐसे प्रदर्शनों की संख्या बढ़ी है। प्रदर्शनकारी लगातार निज्जर के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। कनाडा के सरे में निज्जर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी।
भारत-कनाडा के बीच बढ़ा था तनाव
निज्जर की मौत को लेकर भारत और कनाडा के बीच विवाद बढ़ गया था। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में खड़े होकर कह दिया था कि इसमें भारत का हाथ है। भारत ने इससे इनकार कर दिया था। साथ ही दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को भी निष्कासित किया था। अप्रैल में कालीबाड़ी मंदिर से जुड़े अधिकारियों ने बताया था कि चोरी का प्रयास हुआ है। हालांकि माना जा रहा है कि यहां रहने वाले लोगों को डराना इनका प्रमुख लक्ष्य है।