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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए PCC चीफ हो सकते हैं TS सिंहदेव, राजधानी लौटते ही बढ़ी हलचल

POLITICS August 14, 2024 रिपोर्टर: Javed Akhtar
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए PCC चीफ हो सकते हैं TS सिंहदेव, राजधानी लौटते ही बढ़ी हलचल

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए PCC चीफ हो सकते हैं TS सिंहदेव, राजधानी लौटते ही बढ़ी हलचल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता टीएस सिंहदेव ने दिल्ली दौरे से लौटने के बाद बड़ा बयान दिया है, जिससे छत्तीसगढ़ के सियासी हलकों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या बाबा यानि टीएस सिंहदेव को पार्टी बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है. इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी राष्ट्रीय स्तर जल्द ही बड़ी जिम्मेदारी पार्टी में मिल सकती है. जिससे फिलहाल छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल तेज नजर आ रही है.

दिल्ली से लौटने के बाद जब टीएस सिंहदेव से बड़ी जिम्मेदारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने खुल तौर पर पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनने की बात कही. टीएस सिंहदेव ने कहा ‘पीसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली तो तैयार हूं, अब किसी भी तरह की जिम्मेदारी के लिए तैयार हूं, में संगठन में किसी भी तरह की तरह की जिम्मेदारी में काम करना चाहता हूं.’ जिसके बाद से यह बात चल रही है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अब सिंहदेव को आगे बढ़ा सकती है.

टीएस सिंहदेव ने विधानसभा चुनाव के दौरान मिली हार पर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा ‘हार से ठोकर मिली, इससे सबक तो लेना ही चाहिए, लंबे समय से जो कैप्टन हैं उनका बदलाव स्वाभाविक है.’ उनका यह बयान भी स्पष्ट कर रहा है कि वर्तमान पीसीसी चीफ दीपक बैज की जगह नया अध्यक्ष जल्द ही छत्तीसगढ़ कांग्रेस को मिल सकता है. बता दें कि छत्तीसगढ़ 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था. टीएस सिंहदेव खुद भी सरगुजा विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे.

कांग्रेस के अनुभवी नेता हैं टीएस सिंहदेव

टीएस सिंहदेव की गिनती छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेताओं में होती है, वह 2008 से 2018 तक लगातार तीन बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं, इस दौरान उन्होंने 2013 से 2018 तक छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई थी, जबकि 2018 से 2023 तक वह बघेल सरकार में मंत्री और उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था.

टीएस सिंहदेव सरगुजा के वर्तमान महाराजा भी हैं, वह सरगुजा की गद्दी पर बैठने वाले अंतिम शासक थे. जिसका मुख्यालय अंबिकापुर में है. विधानसभा चुनाव के बाद से सिंहदेव पहली बार एक्टिव नजर आ रहे हैं. दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं से भी उनकी हाल ही में मुलाकात हुई है, जिससे माना जा रहा है कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.

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