लॉगिन

टाइगर vs जर्मन शेफर्ड, घायल होकर भी जीत गया डॉग… बचा ली परिवार की जान

Madhya Pradesh February 28, 2025 रिपोर्टर: shailesh
टाइगर vs जर्मन शेफर्ड, घायल होकर भी जीत गया डॉग… बचा ली परिवार की जान

टाइगर vs जर्मन शेफर्ड, घायल होकर भी जीत गया डॉग… बचा ली परिवार की जान

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के निकट स्थित ग्राम भरहुत में बाघ शावक ने जब एक परिवार पर हमला करने की कोशिश की, तो डॉग ने सामने आकर पूरे परिवार की जान बचा ली। इस घटना में डॉग घायल हो गया। यह घटना दो दिन पहले की है, लेकिन डॉग के शरीर के घाव अभी भी ताजा हैं।

इस बारे में जानकारी देते हुए पशु चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर अखिलेश सिंह ने बताया कि घायल डॉग को परिवार के लोग उपचार के लिए लेकर आए थे, तब इस घटना की जानकारी उनके सामने आई। उन्होंने बताया कि बाघ के हमले में डॉग के शरीर पर काफी गंभीर घाव बने हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है और वह कुछ समय बाद ठीक हो जाएगा।

बाघ से लड़ गया डॉग

घटना की जानकारी देते हुए भरहुत निवासी शिवम बढ़गैया ने बताया कि वे सभी लोग रात में घर के अंदर थे। इसी दौरान जंगल से निकलकर एक बाघ गांव में पहुंच गया। इसके बाद वो उनके घर में घुस आया। इस दौरान उनके घर के परिसर में घूम रहा जर्मन शेफर्ड डॉग बाघ को देखकर भौंकने लग और बाघ का रास्ता रोक लिया।

डॉग को अपने सामने देखकर कुछ देर के लिए बाघ भी स्तब्ध खड़ा रह गया, लेकिन अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। डॉग इस हमले से घबराया नहीं बल्कि उसने बाघ पर जवाबी हमला किया और उसे डराने की कोशिश की।

झपट्टा मारकर खींच ले गया बाघ

शिवम बढ़गैया ने बताया कि उनका जर्मन शेफर्ड डॉग वरिष्ठ होने के बावजूद बाघ का ज्यादा देर सामना नहीं कर पाया और एक झपट्टा मारकर बाघ डॉग को अपने साथ खींच ले गया। कुछ दूर ले जाकर बाघ ने डॉग को मारने की कोशिश की, लेकिन डॉग फिर पूरी ताकत के साथ उठ खड़ा हुआ और बाघ के सामने गुर्राने लगा।

कुछ देर के प्रयास के बाद जब बाघ डॉग को मारने में सफल नहीं हुआ तो वहां से वापस लौट गया। डॉग और बाघ की इस लड़ाई के दौरान गांव के लोग जाग चुके थे और वे भी शोर मचाते हुए बाहर आ गए। जिसकी वजह से बाघ जंगल के अंदर चला गया।

खबर शेयर करें:

This will close in 20 seconds