पैरासिटामाल सहित तीन दवाए अमानक : अस्पतालों में खप चुकी खेप, तब मंगाया जा रहा वापस

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा सप्लाई की जा रही दवाओं के अब मानक होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को तीन प्रकार की दवाओं को उपयोग और वितरण पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दवा गोदाम रायपुर में भेजने के आदेश हुए हैं। इन दवाइयों के निर्माता 9 एम लिमिटेड तथा हीलर्स लैब हैं। इन सभी दवाइयों का निर्माण 2023-2024 में हुआ है और कालातीतहोने का समय निकट आ चुका है।

ऐसे में यह कहा जा रहा है कि, इन दवाइयों की बड़ी खेप मरीजों को वितरित की जा चुकी हैं। इन दवाओं की एक्सपायरी डेट नजदीक होने और कुछ ही मात्रा में स्टॉक बचने के बाद इन्हें वापस मंगाया जा रहा है। जिन दवाओं को अमानक पाते हुए बैन किया गया है, उनमें से अधिकतर का प्रयोग वायरल तथा सर्दी-जुकाम के इलाज में होता है। सूत्रों के मुताबिक, बारिश के मौसम में इन दवाओं की खपत बढ़ जाती है। बारिश के शुरुआती माह में ही इन दवाओं का प्रयोग बड़ी मात्रा में हो चुका है। ऐसे में जिन दवाओं को अमानक पाते हुए गोदाम भेजने के आदेश दिए गए हैं, उनकी कम ही मात्रा स्टॉक में शेष है।

ये दवाएं पाई गई अमानक

पैरासिटामोल 650 एमजी वैच क्रमांक 24045

पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम वैच नंबर 23547 व 240320

‘एसिक्लोफिनेक 100 मिलीग्राम व पेरासिटामोल 325 मिलीग्राम

गर्भवती महिलाओं की दवाएं भी अमानक

गौरतलब है कि, पूर्व में भी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा सप्लाई की जा रही कई दवाओं को बैन किया जा चुका है। कैल्शियम विध विटामिन डी 3 टैबलेट 500 एमजी को भी माह की शुरुआत में बैन किया. गया था। इसकी आपूर्ति मेसर्स हेल्‍थी लाइफ फॉर्मा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई थी। प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि टैबलेट्स पैक से बाहर निकालते समय टूट रही हैं, जो कि गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन था। यह दवा विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरों और बुजुर्गों को दी जाती है, इसलिए इसकी गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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