प्रदेश में बाघों की संख्या हुई दुगुनी : बाघ 17 से बढ़कर हुए 37, वन विभाग ने किया दावा

रायपुर। राज्य के अभयारण्य तथा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर से बाघों का मूवमेंट तेज हो गया है। वर्ष 2022 की गणना में बाघों की संख्या 17 होने का दावा किया गया था। वर्तमान में राज्य के अलग-अलग टाइगर रिजर्व तथा अभयारण्य में 37 बाघ होने का दावा किया जा रहा है। उदंती-सीतानदी में वर्तमान में दो बाघ होने की पुष्टि हुई है। एक बाघ 15 अगस्त को ट्रैप कैमरा में कैद हुआ है। दूसरे बाघ का अप्रैल में पग मार्क मिला है। दूसरे बाघ को ट्रैप करने यूएसटीआर के डिष्टी डारेक्टर वरुण जैन ने कोशिश करने की बात कही।

राज्य में सबसे ज्यादा बाघ अचानकमार टाइगर रिजर्व में 10 वयस्क तथा आठ शावक बाघ होने का दावा किया जा रहा है। एटीआर के डिष्टी डायरेक्टर यूआर गणेश के अनुसार अप्रैल की सेंसेस में 10 नर तथा आठ शावक बाघ दिखे हैं। जिन क्षेत्रों में बाघों की मौजूदगी है, उन क्षेत्रों में वनकर्मियों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही शिकारियों की धरपकड़ तेज करने निर्देश दिए गए हैं।

तीन मवेशियों का शिकार

वनक्षेत्र में पर्याप्त संख्या में शाकाहारी वन्यजीव हैं, इस वजह से बाघ रिहायशी क्षत्र में आने के बजाय रिजर्व एरिया में विचरण कर रहा है। इस वजह से पालतू मवेशी बाघ के शिकार नहीं हो रहे। अप्रैल से अब तक बाघ द्वारा तीन मवेशियों का शिकार करने की जानकारी सामने आई है। अफसर दोनों बाघों की सुरक्षा के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को सतर्क किया गया है।

यह है बाघों की स्टेटस रिपोर्ट

वन विभाग के अफसरों के दावों के मुताबिक अचानकमार में सबसे ज्यादा बाघ हैं, इसके बाद दूसरे नंबर पर इंद्रावती, तीसरे स्थान पर गुरु घासीदास, चौथे और पांचवे स्थान पर यूएसटीआर तथा भोरमदेव टाइगर रिजर्व शामिल हैं।

विभाग के दावों के अनुसार इन टायगर रिजर्व तथा अभयारण्य में इतने बाघ हैं

अचानकमार टायगर रिजर्व – 10+8

इंद्रावती – 08

गुरु घासीदास – 06

भोरमदेव – 03

उदंती-सीतानदी – 02

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