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अबूझमाड़ के अंधेरे को चीरकर पहुँची सुशासन की रोशनी, उर्मिला और सुखियारिन को मिला जीवन का पहला राशन कार्ड

Chhattisgarh May 13, 2026 रिपोर्टर: shailesh
अबूझमाड़ के अंधेरे को चीरकर पहुँची सुशासन की रोशनी, उर्मिला और सुखियारिन को मिला जीवन का पहला राशन कार्ड

अबूझमाड़ के अंधेरे को चीरकर पहुँची सुशासन की रोशनी, उर्मिला और सुखियारिन को मिला जीवन का पहला राशन कार्ड

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और दुर्गम माने जाने वाले अबूझमाड़ की पहाड़ियों में अब बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है। राज्य शासन के “सुशासन तिहार” अभियान ने नारायणपुर जिले के उन कोनों तक दस्तक दी है, जहाँ कभी प्रशासनिक मशीनरी का पहुँचना एक बड़ी चुनौती माना जाता था। इस अभियान की सफलता की सबसे सुंदर तस्वीर तब उभरी, जब क्षेत्र की दो महिलाओं— उर्मिला पांडे और सुखियारिन सलाम को उनके जीवन का पहला राशन कार्ड सौंपा गया।

दस्तावेजों की कमी और दूरी थी बाधा

​भौगोलिक विषमताओं और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव के कारण ये परिवार अब तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभ से पूरी तरह वंचित थे। बाजार से ऊँची दरों पर खाद्यान्न खरीदना इनकी मजबूरी थी। लेकिन ‘सुशासन तिहार’ के तहत जब प्रशासन खुद चलकर इनके द्वार पहुँचा, तो वर्षों की यह समस्या चुटकियों में हल हो गई। राशन कार्ड मिलने पर श्रीमती उर्मिला पांडे ने कहा कि अब तक परिवार पालने के लिए बाजार से महंगा राशन खरीदना पड़ता था। पहली बार हाथ में यह कार्ड देखकर लग रहा है कि सरकार सच में हमारे साथ है। अब सस्ती दर पर अनाज मिलेगा, जिससे घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

शिविरों ने बढ़ाया विश्वास

​नारायणपुर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों में केवल राशन कार्ड ही नहीं, बल्कि आधार, पेंशन, आयुष्मान कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। सुखियारिन सलाम कहती हैं कि पहली बार महसूस हो रहा है कि योजनाएं केवल शहरों के लिए नहीं, बल्कि हम जैसे ग्रामीणों के लिए भी हैं।

प्रशासन का स्पष्ट विजन है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना ही सुशासन की असली कसौटी है। अबूझमाड़ जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में प्रशासनिक सक्रियता ने ग्रामीणों के भीतर शासन के प्रति एक नया विश्वास पैदा किया है। उर्मिला और सुखियारिन की मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि “सुशासन तिहार” केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वंचित वर्गों के जीवन में आ रहा एक वास्तविक और सुखद बदलाव है।

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