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एयरपोर्ट पर सुविधाओं को लेकर हाई कोर्ट सख्त, टॉयलेट-कैंटीन का काम शुरू नहीं होने पर मुख्य सचिव से मांगा जवाब

Chhattisgarh January 19, 2026 रिपोर्टर: shailesh
एयरपोर्ट पर सुविधाओं को लेकर हाई कोर्ट सख्त, टॉयलेट-कैंटीन का काम शुरू नहीं होने पर मुख्य सचिव से मांगा जवाब

एयरपोर्ट पर सुविधाओं को लेकर हाई कोर्ट सख्त, टॉयलेट-कैंटीन का काम शुरू नहीं होने पर मुख्य सचिव से मांगा जवाब

बिलासपुर : बिलासपुर एयरपोर्ट से जुड़ी यात्री सुविधाओं और विस्तार के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. टर्मिनल भवन के बाहर बनने वाले कैंटीन, टॉयलेट और यात्रियों के विश्रामगृह का काम तय समय में शुरू न होने पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है.

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति राधाकृष्ण अग्रवाल की खंडपीठ में गुरुवार को बिलासपुर एयरपोर्ट और हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने बताया कि राज्य शासन ने 290 एकड़ जमीन के बदले 50 करोड़ 64 लाख रुपये जमा कर दिए हैं. अब केवल जमीन वापसी की औपचारिक प्रक्रिया शेष है. इस पर खंडपीठ ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे एयरपोर्ट को 4-सी श्रेणी में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा.

मुख्य सचिव से मांगा जवाब

मुख्य सचिव द्वारा दाखिल शपथ पत्र का हवाला देते हुए खंडपीठ को बताया गया कि डीवीओआर मशीन, नाइट लैंडिंग लाइटिंग का कमीशन हो चुका है और डीजीसीए से नाइट लैंडिंग लाइसेंस के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किया जा चुका है. अब केवल डीजीसीए के निरीक्षण और लाइसेंस जारी होने की औपचारिकता बाकी है. शपथ पत्र में वायबिलिटी गैप फंडिंग और यात्री सुविधाओं की स्थिति का भी उल्लेख किया गया.

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