सुशासन तिहार : सीएम साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश, लोगों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में साय सरकार सुशासन तिहार मनाने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं। इस तिहार में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच जाकर योजनाओं की फीडबैक लेंगे।

सीएम ने कलेक्टरों से कहा है कि हमारी सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार काम कर रही है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर शासकीय काम-काज में पारदर्शिता आए, शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो, इसका लाभ समाज के उन वर्गों को तत्परता से मिले, जिनके लिए योजनाएं संचालित की जा रही है। इसे लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर प्रभावी पहल की जा रही है। इसी कड़ी में हमने ‘सुशासन तिहार-2025’ संचालित करने का निर्णय लिया है।

सीएम साय ने कहा है कि सुशासन तिहार का उद्‌देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा, ‘सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस तिहार को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं एवं एक पोर्टल बनाया जा रहा है। प्रत्येक जिले की परंपराओं, आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार नवाचार भी किए जा सकते हैं, जिससे यह तिहार अधिक जनीपयोगी और प्रभावशाली बने।

‘सुशासन तिहार-2025 के लिए सभी कलेक्टरों को निर्देश

लोगों से आवेदन प्राप्त करना

आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में 08 अप्रैल से 11 अप्रिल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर ‘समाधान पेटी रखी जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायते निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की जाए। आवश्यकतानुसार हाट बाजारों में भी आवेदन संग्रह किये जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल में व्यवस्था रहेगी। कॉमन सर्विस सेंटर का भी ऑनलाइन आवेदन लेने उपयोग किया जा सकता है। प्रत्येक आवेदन को एक कोड देने की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। निर्धारित प्रारूप में खाली आवेदन पत्र (ग्रामवार/नगरीय निकायवार कोड सहित) प्रिन्ट कराकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

प्रत्येक आवेदन को पोर्टल में पजीकृत कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा. साथ ही आवेदनकर्ता को पावती दी जाएगी। जनता को आवेदन लिखने में सहायता प्रदान करने कलेक्टर आवश्यकतानुसार अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगा सकते हैं। इन तिथियों का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

आवेदनों का निराकरण : सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और संबंधित जिला जनपद /मगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग/अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाए।

समाधान शिविर का आयोजन : 05 मई से 31 मई 2025 के दौरान प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। शिविरों के आयोजन की तिथि की जानकारी आवेदकों को एसएमएस के माध्यम से तथा आवेदन की पावती के माध्यम से दी जाए. साथ ही इन तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाए. जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में संभव हो, शिविर में किया जाए, शेष आवेदनों का समाधान एक माह में कर आवेदकों को सूचित किया जाए।

शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र/प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक शिविर के लिए एक खंडस्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाए, जो शिविर के समुक्ति संचालन को सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे। जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी की जाए। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं राज्य शासन के अधिकारी भी कुछ शिविरों में शामिल होंगे और आवेदकों से भेंटकर उनकी समस्याओं और निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

अधिकारियों को प्रशिक्षण : सुशासन तिहार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जाएगा। आवेदन लेने, उनकी प्रविष्टि, मॉनिटरिंग एवं समाधान प्रक्रिया के लिए समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस तिहार में स्थानीय सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी हो और उन्हें आवश्यक जानकारियां समय पर उपलब्ध कराई जाए।

विकास कार्यों का औचक निरीक्षण : इस तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे। विभिन्न योजनाओं से लोगों को मिल रहे लाभ के बारे में फीडबैक लेंगे। प्रभारी मंत्री, प्रभारी सचिव भी अपने स्तर पर यह प्रक्रिया अपनाएंगे।

अफसरों के साथ होगी समीक्षा बैठक : दोपहर के बाद जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। राज्य स्तर से बिंदुवार समीक्षा पत्रक उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएम साय समीक्षा बैठक के उपरांत अथवा उपयुक्त समय पर प्रेसवालों को संबोधित करेंगे और विमिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट भी करेंगे.

सुशासन तिहार का प्रचार-प्रसार : जनसम्पर्क विभाग एवं जिला प्रशासन इस तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए कार्ययोजना बनाकर विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि तिहार की जानकारी अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचे। ‘सुशासन तिहार-2025’ के संचालन में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, आपकी नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क इस तिहार की सफलता की कुंजी होगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी कुशलता और समर्पण के साथ करेंगे।

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