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अन्धविश्वास ने ले ली मासूम की जान : पुलिस ने सुलझाई अंधे क़त्ल की गुत्थी, बेटे की बीमारी ठीक करने 3 साल के बच्चे की दी बलि

Chhattisgarh July 17, 2025 रिपोर्टर: shailesh
अन्धविश्वास ने ले ली मासूम की जान : पुलिस ने सुलझाई अंधे क़त्ल की गुत्थी, बेटे की बीमारी ठीक करने 3 साल के बच्चे की दी बलि

अन्धविश्वास ने ले ली मासूम की जान : पुलिस ने सुलझाई अंधे क़त्ल की गुत्थी, बेटे की बीमारी ठीक करने 3 साल के बच्चे की दी बलि

अंबिकापुर । बलरामपुर जिले के सामरी थाना क्षेत्र में नरबली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंधविश्वास में डूबे हैवान ने अपने बेटे की मिर्गी की बीमारी ठीक करने के उद्देश्य से तीन साल के बच्चे को बिस्किट और मिठाई का लालच देकर उसका अपहरण किया। फिर घर ले जाकर उसकी गर्दन को धड़ से अलग कर बलि दे दी। आरोपी ने मासूम बच्चे की हत्या करने के बाद उसके धड़ को जंगल में ले जाकर जला दिया और सिर को घर में 3 दिनों तक छिपाकर रखा। बाद में जब पुलिस ने गांव में खोजबीन शुरू की, तो आरोपी ने सिर को कपड़े में लपेटकरजंगल में दफन कर दिया।सवा साल पहले हुए इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने बच्चे के सिर का अवशेष बरामद करने के साथ ही हथियार बरामद करने में सफलता हासिल की है। दिल दिमाग को झंझोर देने वाली यह घटना बलरामपुर जिले के सामरी पाठ थाना अंतर्गत सबाग सुलुंगडीह पारा की है।

सुलुंगडीह पारा निवासी 24 वर्षीय बीरेंद्र ननोसिया आ. बीरसाय नगेसिया पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। युवक 29 मार्च 2024 को अपनी पत्नी और बच्चों के साथ महुआ फूल बीनने के लिए ग्राम झलबासा जंगल गया था। युवक परिवार के साथ झलबासा जंगल में ही झाला झोपड़ी बनाकर रहता था। इस दौरान । अप्रैल को वह रसोई का काम करने के लिए प्राथमिक शाला सबाग गया था और स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब युवक अपने झोपड़ी में लौटा तो पत्नी दयामुनी नगेसिया ने उसे बताया कि उसके दोनों बच्चे अजय नगेसिया व जीतन नगेसिया महुआ पेड़ के नीचे खेल रहे थे और वह नदी किनारे करेला तोड़ने चली गई थी। जब वह वापस लौटी तो 3 वर्षीय अजय नगेसिया मौके पर मौजूद नहीं था। ऐसे में परिजन ने उसे जंगल, नदी नाला, आस पास के गांव में खोजबीन की कुछ पता नहीं चला। 3 वर्षीय बालक जो ठीक से बोल भी नहीं पाता था उसके लापता होने पर परिजन ने अपहरण की आशंका जाहिर करते हुए 6 अप्रैल को सामरीपाठ पुलिस से मामले की शिकायत की जिसके बाद पुलिस द्वारा गुमशुदगी व अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था।

छुरी से रेतकर अलग की गर्दन

आरोपी चांदो थाना अंतर्गत ग्राम चटनिया क्टईडीह निवासी 40 वर्षीय राजू कोरवा आ. लेब्दु कोरवा ने पुलिस को बताया कि उसे 29 मार्च को ग्राम झलबासा में ढाई से तीन साल का बालक खेलता हुआ दिखा तो वह उसे मिठाई और बिस्किट देने का लालच देकर गोद में उठाकर अपने घर ले गया और घर जाते ही तंत्र मंत्र करके मासूम बच्चे की बलि दे दी। आरोपी ने छुरी से बच्चे के सिर को धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद आरोपी धड़ को बोरी में भरकर बोड़ादह कोना नाला ले गया और रात के समय धड़ को जला दिया जबकि बच्चे के सिर को तंत्रमंत्र के लिए तीन दिनों तक घर में ही छिपाकर रखा था। जब माता पिता और पुलिस बच्चे की खोजबीन करने लगे तो डरकर बच्चे के सिर को कपड़े में लपेटने के बाद उसी नाला के समीप पहुंचा और गड्डा खोदकर दफन कर दिया और उसके ऊपर 4-5 बड़े पत्थर रख दिया।

कड़ी सजा दिलाने का करेंगे प्रयास

एसपी वैभव बैंकर रमनलाल ने बताया कि, गुमशुदा बालक की पतासाजी की जा रही थी। हमें एक युवक पर संदेह था। जब सूचना के आधार पर संदेही को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपने बेटे की मिर्गी की बीमारी ठीक करने के नाम पर बच्चे की बलि देने व धड़ को जलाने एवं सिर को दफन करने की बात स्वीकार की। बच्चे का अवशेष बरामद किया गया है जिसका डीएनए सैम्पल जांच के लिए भेजा जाएगा। हमारा प्रयास है कि इस अमानवीय घटना के लिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।

खोपड़ी के अवशेष को भेजा जाएगा डीएनए के लिए

आरोपी के कबूलनामा के बाद पुलिस ने एसडीएम को मामले की जानकारी दी और सामरी तहसीलदार की उपस्थिति में शव उत्खनन कराया गया। पुलिस ने मौके से खोपड़ीनुमा अवशेष बरामद किया है। फिलहाल पुलिस द्वारा बच्चे की पहचान की पुष्टि करने के लिए अवशेष को डीएनए जांच हेतु भेजा जाएगा और उसके बाद अवशेष परिजन के सुपुर्द किया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने आरोपी 40 वर्षीय राजू कोरवा आ. लेब्दु कोरवा को भादवि की धारा 363, 302, 201 के तहत गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त लोहे की छुरी को बरामद किया है।

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