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नक्सलगढ़ पुरंगेल में सुरक्षाबलों ने पेश की मिसाल: आग से झुलसी महिला का किया रेस्क्यू, चारपाई के सहारे पहुंचाया

Chhattisgarh February 27, 2026 रिपोर्टर: shailesh
नक्सलगढ़ पुरंगेल में सुरक्षाबलों ने पेश की मिसाल: आग से झुलसी महिला का किया रेस्क्यू, चारपाई के सहारे पहुंचाया

नक्सलगढ़ पुरंगेल में सुरक्षाबलों ने पेश की मिसाल: आग से झुलसी महिला का किया रेस्क्यू, चारपाई के सहारे पहुंचाया

दंतेवाड़ा : जिले के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्र पुरंगेल गांव में नक्सल सर्चिंग पर निकले एसटीएफ जवानों ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एक गंभीर रूप से आग से झुलसी ग्रामीण महिला की जान बचाई. सुरक्षा बल जहां एक ओर नक्सल अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की मदद कर भरोसे की नई तस्वीर भी पेश कर रहे हैं.

10-15 दिन पहले आग में जल गई थी महिला

जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम नक्सल ऑपरेशन के तहत बीजापुर से दंतेवाड़ा के दुर्गम जंगलों में सर्चिंग कर रही थी. इसी दौरान जवान जब नक्सलगढ़ माने जाने वाले पुरंगेल गांव पहुंचे, तब उन्हें एक महिला की गंभीर हालत की सूचना मिली. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि महिला करीब 10-15 दिन पहले आग तापते समय दुर्घटनावश आग में गिर गई थी, जिससे कमर से ऊपर तक उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया था. दूरस्थ इलाके और इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी.

चारपाई के सहारे पहुंचाया

महिला की स्थिति देखकर एसटीएफ कंपनी कमांडर ओम प्रकाश सेन और उनकी टीम ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए रेस्क्यू शुरू किया. जवानों ने दुर्गम जंगल और पहाड़ी रास्तों के बीच चारपाई को कावड़ की तरह इस्तेमाल कर महिला को कई किलोमीटर पैदल सुरक्षित बाहर निकाला और हिरोली गांव तक पहुंचाया. वहां पहले से बुलाई गई एंबुलेंस के जरिए घायल महिला को किरंदुल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल दंतेवाड़ा रेफर किया गया.

तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की कराई व्यवस्था

डॉक्टरों के अनुसार महिला लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी और समय पर इलाज न मिलने से घाव गंभीर हो चुके थे. जवानों ने महिला के तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की भी व्यवस्था कराई और अस्पताल प्रशासन से समन्वय बनाकर उपचार सुनिश्चित कराया.

एसटीएफ अधिकारियों ने जवानों के इस कार्य को मानवता और कर्तव्य का उत्कृष्ट उदाहरण बताया. स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने भी जवानों की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया है.

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