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पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दूसरी शादी करना सरपंच को पड़ा भारी, एसडीएम ने पद से किया बर्खास्त

Chhattisgarh September 2, 2026 रिपोर्टर: shailesh
पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दूसरी शादी करना सरपंच को पड़ा भारी, एसडीएम ने पद से किया बर्खास्त

पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दूसरी शादी करना सरपंच को पड़ा भारी, एसडीएम ने पद से किया बर्खास्त

बेरला. पहली पत्नी के जीवित रहते बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी करना ग्राम पंचायत खंगारपाट के सरपंच कमल बघेल को भारी पड़ गया. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा के न्यायालय ने मामले को गंभीर पदीय दुराचरण मानते हुए कमल बघेल को सरपंच पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया. इस संबंध में आदेश 24 अगस्त 2026 को जारी किया गया.

सरपंच की पहली पत्नी हरिप्रिया बघेल ने छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत एसडीएम न्यायालय में आवेदन देकर पद से हटाने की मांग की थी. उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2021 को आर्य समाज रायपुर में उनका विवाह कमल बघेल के साथ हुआ था और दोनों का एक पुत्र भी है. आरोप था कि सरपंच निर्वाचित होने के बाद कमल बघेल ने उन्हें कथित रूप से शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देकर घर से निकाल दिया तथा प्रीति बारले नामक महिला को दूसरी पत्नी के रूप में साथ रखने लगे.

दस्तावेज और गवाही से आरोपों की पुष्टि

मामले की सुनवाई के दौरान सरपंच ने इसे व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद बताते हुए पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई का विरोध किया. उनका तर्क था कि पंचायत में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है. हालांकि, न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों और गवाहियों से सामने आया कि कमल बघेल ने 15 फरवरी 2026 को आर्य समाज भिलाई में प्रीति बारले से दूसरा विवाह किया था. प्रतिपरीक्षण के दौरान सरपंच ने यह भी स्वीकार किया कि दूसरी महिला उनके घर में रह रही है. जनपद पंचायत की संयुक्त जांच रिपोर्ट में भी उनके द्वारा दो पत्नियां रखने की पुष्टि की गई.

स्त्रियों के सम्मान के प्रतिकूल माना गया आचरण

एसडीएम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा पहली वैध पत्नी के रहते दूसरी महिला से विवाह करना और उसे साथ रखना सामाजिक मर्यादा, लोकनीति और सर्वमान्य सदाचार के विपरीत है. न्यायालय ने इसे छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत स्त्रियों के सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला गंभीर पदीय दुराचरण माना. इसी आधार पर एसडीएम न्यायालय ने कमल बघेल को ग्राम पंचायत खंगारपाट के सरपंच पद से बर्खास्त करने की कार्रवाई की.

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