Saraswati Nagar: शहर का अनोखा रेलवे स्टेशन : न पानी न पंखा, खुले में करो लघुशंका

रायपुर। Saraswati Nagar: राजधानी से जुड़े छोटे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अगर आप सरस्वती नगर या फिर डब्ल्यूआरएस स्टेशन से लोकल ट्रेन में यात्रा करने जा रहे हैं तो आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यहां न तो पानी की सुविधा है, न पंखे और न ही शौचालय। यहां तक कि छोटे और व्यस्त स्टेशनों पर ये आवश्यक सुविधाएं नदारद हैं, जो यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। स्टेशन पर रेलवे यात्रियों को बैठने मात्र की सुविधा दी जा रही है।

सरस्वती नगर स्टेशन पर यात्री खाली बोतल लिए बैठे मिले तो वहीं डब्ल्यूआरएस में भी यात्री समस्याओं से जूझते मिले। दिलचस्प बात ये भी है कि रेलवे छत्तीसगढ़ के 17 बड़े स्टेशनों को पुनः विकसित करने 2700 करोड़ रुपए की लागत से ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ चला रहा है, लेकिन छोटे स्टेशनों की हालत जस के तस बनी हुई है। बता दें कि इन दोनों स्टेशनों पर रोजाना 500 से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही होती है। स्टेशन निर्माण के बाद से पीने के लिए पानी का कनेक्शन स्टेशन तक नहीं पहुंचा है।

सरस्वती नगर में नल कनेक्शन तक नहीं 

Saraswati Nagar: रायपुर के सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को असुविधाओं से दो-चार होना पड़ रहा है। मुख्य स्टेशन से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस स्टेशन पर सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक लोकल ट्रेनें रुकती हैं और यहां प्रतिदिन 500 से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। बावजूद इसके इस स्टेशन पर पीने के पानी की सबसे बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि रेलवे ने यहां नल कनेक्शन तक नहीं दिया है। इस कारण यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। पंखे की सुविधा भी नहीं है। शौचालय भी नहीं है। यात्रियों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। रेलवे ने यहां नए वेटिंग रूम और शौचालय का निर्माण जरूर किया है, लेकिन दो साल से यहां ताला लटका हुआ है। गर्मी के मौसम में यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।

स्टेशनों से रेलवे को हो रही कमाई

Saraswati Nagar: डब्ल्यूआरएस और सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्री ट्रेन में यात्रा करने पहुंचते हैं। यहां की लोकल ट्रेनें खासतौर पर छोटे कस्बों तक जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं और इन स्टेशनों से रेलवे को लगातार टिकट किराए के रूप में कई सालों कमाई हो रही है, इसके बावजूद वर्षों से इन स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। यात्रियों को पानी, पंखे, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं न मिलने के कारण उन्हें हर दिन असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि इन स्टेशनों से होने वाली कमाई का एक हिस्सा सुविधाएं प्रदान करने में लगाना चाहिए, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान कम से कम आराम और राहत मिल सके।

डब्लूआरएस में पंखे और पानी की सुविधा नहीं 

Saraswati Nagar: डब्ल्यूआरएस स्टेशन की हालत यात्रियों के लिए बेहद परेशान करने वाली है। यह स्टेशन डीआरएम ऑफिस से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां रेलवे अधिकारियों की भी नियमित आवाजाही रहती है, लेकिन फिर भी यहां असुविधा है। स्टेशन पर पीने के पानी की सुविधा का तो नामोनिशान तक नहीं है और यात्रियों को पानी की बोतल खाली हाथ में लिए खड़े रहना पड़ता है। आसपास कोई दुकान भी नहीं है, जहां से पानी खरीदा जा सके। इससे भी बड़ा संकट गर्मी में यात्रियों के लिए है, क्योंकि स्टेशन पर न तो पंखा लगा है और न ही शौचालय की व्यवस्था। स्टेशन के चारों ओर शौचालय की व्यवस्था। स्टेशन के चारों ओर गंदगी और कचरा फैला हुआ था, स्टेशन की साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब थी। दिनभर 500 से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाली इस जगह पर जब ट्रेन लेट होती है तो यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। घंटों बिना पानी और पंखे के इंतजार करना यात्रियों की मजबूरी है। ऐसे में रेलवे की ओर से बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है, ताकि यात्रियों को कम से कम न्यूनतम राहत तो मिल सके।

व्यवस्था करेंगे बेहतर 

Saraswati Nagar: रायपुर डीआरएम दयानंद ने बताया कि, स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच की जाएगी और व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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