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Russia-Ukraine War: ‘हम युद्ध के युग में नहीं रहते’, PM मोदी की टिप्पणी पर डेनमार्क के राजदूत ने जताई सहमति

World February 22, 2023 रिपोर्टर: shailesh
Russia-Ukraine War: ‘हम युद्ध के युग में नहीं रहते’, PM मोदी की टिप्पणी पर डेनमार्क के राजदूत ने जताई सहमति

Russia-Ukraine War: ‘हम युद्ध के युग में नहीं रहते’, PM मोदी की टिप्पणी पर डेनमार्क के राजदूत ने जताई सहमति

नई दिल्ली : 24 फरवरी 2023 को रूस के यूक्रेन पर हमले के एक साल पूरे हो जायेंगे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अचानक राजधानी कीव पहुंच गए और यूक्रेन की हर संभव मदद करने का ऐलान भी कर दिया। वहीं, 21 फरवरी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के संसद में भाषण देकर कहा कि पश्चिमी देशों की वजह से इस जंग की शुरुआत हुई है।

युद्ध को रोकने के लिए भारत पहले से ही बहुत कुछ कर रहा

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अब भारत में डेनमार्क के राजदूत फ्रेडी स्वान ने बयान जारी किया है। फ्रेडी ने इस युद्ध को रोकने के भारत के प्रयास की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को रोकने के लिए भारत पहले से ही बहुत कुछ कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी को उद्धृत करार देते हुए फ्रेडी ने कहा कि हम युद्ध के युग में नहीं रहते हैं।

विश्व स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे पीएम मोदी

फ्रेडी ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत ने पहले ही कई स्थानों पर अपना प्रभाव महसूस कराने के लिए बहुत कुछ किया है। भारत की वैश्विक भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए मुझे पूरा यकीन है और मुझे विश्वास है कि भारत वह सब कुछ कर रहा है जो भारत निश्चित रूप से ऐतिहासिक संबंधों को दे सकता है। भारत अब विश्व स्तर पर, रणनीतिक और आर्थिक रूप से भविष्य में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पीएम मोदी ने भेजा अब तक का सबसे मजबूत संकेत

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए फ्रेडी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने ये बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि हम युद्ध के युग में नहीं रहते हैं। मुझे लगता है कि यह युद्ध को रोकने के लिए अब तक का सबसे मजबूत संकेत भेज रहा है क्योंकि हम युद्ध के उस युग में नहीं रह सकते हैं जो खत्म हो जाना चाहिए।

रूस-यूक्रेन युद्ध का असर दुनिया के अन्य हिस्सों पर पड़ रहा

रूस-यूक्रेन युद्ध के परिणामों के बारे में बात करते हुए फ्रेडी ने कहा कि इस युद्ध का असर न केवल यूरोपीय देशों बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी पड़ रहा है। युद्ध से खाद्य कीमतों और ऊर्जा की कीमतों में बहुत वृद्धि हो गई है। मुद्रास्फीति का स्तर भी बढ़ गया है। रूस को इस समय अपने सेनाओं को यूक्रेन के क्षेत्रों से वापस लाना चाहिए।

यूक्रेन के साथ खड़ा है डेनमार्क

डेनमार्क के राजदूत ने कहा कि यूक्रेन के साथ डेनमार्क खड़ा है और मेरा मानना है कि जी20 में रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होगी। बता दें कि डेनमार्क के क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक आंद्रे हेनरिक क्रिश्चियन और क्राउन प्रिंसेज मैरी एलिजाबेथ जल्द ही भारत का दौरा करने वाली है। इसको लेकर फ्रेडी ने कहा कि उन्हें इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं।

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