जंगली हाथी का आंतक, खेत में काम कर रहे किसान को कुचलकर मारा, इलाके में फैली दहशत

कोरबा : छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. करतला वन परिक्षेत्र के बड़मार गांव में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई. यह हादसा शनिवार को उस समय हुआ, जब जगेश्वर सिंह राठिया अपने खेत में काम करने गए थे. इसी दौरान उनका सामना हाथी से हो गया. हाथी ने उन्हें बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है और किसान खेतों में जाने से घबरा रहे हैं.
वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और गांव के लोग मौके पर पहुंच गए. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी वहां पहुंची और जरूरी कार्रवाई शुरू की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. साथ ही शासन के नियमों के अनुसार पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई और मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई.
ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
इस घटना के बाद बड़मार और आसपास के गांवों के लोगों में डर बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों की जान को खतरा है. उन्होंने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि खेती का समय चल रहा है और अगर हाथी फिर गांव के आसपास आया तो बड़ा हादसा हो सकता है.
पिछले पांच साल में 330 से ज्यादा लोगों की गई जान
छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाकों में इंसानों और हाथियों के बीच टकराव लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है. अब यह परेशानी राज्य के मध्य हिस्सों तक भी पहुंचने लगी है. कोरबा और रायगढ़ के धर्मजयगढ़ क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित माने जाते हैं. इसके अलावा सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर जिलों में भी हाथी अक्सर गांवों और खेतों तक पहुंच जाते हैं, जिससे लोगों की जान जाने के साथ फसलों को भी नुकसान होता है. वन विभाग के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में हाथियों के हमलों में पूरे प्रदेश में 330 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.