Rajim Kumbh: फर्जी महामंडलेश्वर, संतों ने भिलाई के पुजारी के टेंट उखाड़े, पोस्टर फाड़े

रायपुर। Rajim Kumbh:  राजिम कल्प कुंभ में कथित रूप से फर्जी महामंडलेश्वर को लेकर हंगामा मच गया। खुद को महामंडलेश्वर  बताते हुए भिलाई के एक पुजारी ने वहां टेंट लगा दिया। टेंट पर एक पोस्टर लगा दिया जिसमें पुजारी का फोटो और महामंडलेश्वर लिखा हुआ था। संतों ने इस पर आपत्ति की और पोस्टर फाड़ दिया। आरोप है कि भिलाई के नेहरूनगर स्थित शेरोवाली मां के पुजारी ने खुद को तथाकथित महामंडलेश्वर बताया। अरुण मिश्रा अपने परिवार के साथ मंदिर के पीछे घर बनाकर रह रहे हैं।

राजिम में मचे बवाल के बाद हरिभूमि की टीम उनके नेहरूनगर स्थित मंदिर और घर तक पहुंची। जहां अरुण मिश्रा तो नहीं मिले, लेकिन उनके बेटे नित्यानंद मिश्रा ने बताया कि पिता फिलहाल घर में नहीं हैं। वे पहले प्रयागराज गए हुए थे। पिछले दो से तीन दिन से वे राजिम में थे। वे मूल रूप से ठाठापुर कबीरधाम जिले के रहने वाले हैं। पिता का फोन नहीं लग रहा है। उन्हें राजिम में हुए घटनाक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

Rajim Kumbh:  उल्लेखनीय है कि, सोमवार को अखिल भारतीय संत समिति की बैठक के बाद अखाड़ा परिषद संत महासभा, ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय संगठन ट्रष्ट समेत मुख्य अखाड़ा परिषद ने महामंडलेश्वर के नाम पर लगे टेंट का विरोध किया। संत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी राजेश्वरानंद ने बताया कि भिलाई के अरुण मिश्रा अपने आपको को सूर्यवंशी अखाड़ा का महामंडलेश्वर बता रहे थे। उसे पकड़ा गया, जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि उसका संबंध में निर्मोही अखाड़ा से है। जब निर्मोही अखाड़ा के छत्तीसगढ़ प्रमुख से बात की गई, तो उन्होंने इस नाम के व्यक्ति के बारे में कोई भी जानकारी होने से ही इंकार कर दिया।

नाम हटाया-पोस्टर फाड़ा 

Rajim Kumbh:   स्वामी राजेश्वरानंद का कहना है कि सूर्यवंशी अखाड़ा अपने आपको बताकर फर्जी तरीके से टेंट में रहना प्रारंभ कर दिया था। अखाड़ा परिषद के सभी संतों ने उसकी गाड़ी से पहले उसका नाम हटवाया। इसके बाद बैनर-पोस्टर फाड़ दिया। बाद में अरुण मिश्रा कुंभ से चले गए। इस दौरान प्रमुख रुप से स्वामी परमात्मा नंद महाराज, राजीव लोचन, डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद, राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र दास, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास, महंत राधे श्याम, आचार्य रविन्द्र शास्त्री, भागवताचार्य रुपेश, साध्वी सौम्या, आजीवन निराहार संत गौतमा एवं मेले के अधिकारी मौजूद थे। अखिल भारतीय पंच रामानंदीय, निर्मोही अखाड़ा, दिगंबर अखाड़ा, निर्वाणी अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा के संत महात्मा ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बजरंगी शंकर नगर प्रकल्प भी शामिल थे। सभी ने शासन एवं प्रशासन से विरोध किया है, साथ ही अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश निषेध करने की अपील की है।

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