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रायगढ़ नगर निगम की वेबसाइट हैक कर फहराया पाकिस्तानी झंडा, साइबर पुलिस में एफआईआर दर्ज, फॉरेंसिक जांच शुरू

Chhattisgarh October 23, 2026 रिपोर्टर: shailesh
रायगढ़ नगर निगम की वेबसाइट हैक कर फहराया पाकिस्तानी झंडा, साइबर पुलिस में एफआईआर दर्ज, फॉरेंसिक जांच शुरू

रायगढ़ नगर निगम की वेबसाइट हैक कर फहराया पाकिस्तानी झंडा, साइबर पुलिस में एफआईआर दर्ज, फॉरेंसिक जांच शुरू

रायगढ़. रायगढ़ नगर निगम की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर साइबर सुरक्षा में भारी सेंधमारी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. हैकर्स ने निगम के इस प्रमुख डिजिटल पोर्टल को अनधिकृत रूप से एक्सेस करते हुए ‘वेब डिफेसमेंट’ का शिकार बना दिया. घटना के सामने आते ही प्रशासनिक महकमे और आईटी सेल में हड़कंप मच गया, क्योंकि हैकर्स ने वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ यानी होमपेज को पूरी तरह बदलकर उस पर पाकिस्तान का झंडा और संदेश पोस्ट कर दिया था.

घटना की भनक मिलते ही नगर निगम प्रशासन और तकनीकी टीम ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे सर्वर को मुख्य नेटवर्क से काटकर वेबसाइट को तत्काल ऑफलाइन यानी मेंटेनेंस मोड में डाल दिया गया. निगम के आईटी सेल ने आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हैकर्स केवल होमपेज को प्रभावित करने में कामयाब रहे थे. संपत्ति कर, जल कर और आम जनता से जुड़ा मुख्य डेटाबेस पूरी तरह सुरक्षित और अछूता है, तथा नागरिकों के किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या वित्तीय डेटा के लीक होने के प्रमाण नहीं मिले हैं.

साइबर पुलिस में एफआईआर दर्ज, फॉरेंसिक जांच शुरू

प्रशासन अब हैकर्स के इस जाल को ध्वस्त करने और डिजिटल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए बहुस्तरीय कारर्वाई कर रहा है. मामले में अज्ञात हैकर्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है. इसके साथ ही सर्वर लॉग्स की मदद से सेंधमारी के स्रोत की पहचान की जा रही है और आवश्यक सुरक्षा पैच इंस्टॉल किए जा रहे हैं. कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम के तय सुरक्षा मानकों के तहत मुकम्मल फॉरेंसिक ऑडिट पूरा होने के बाद ही पोर्टल को दोबारा जनसामान्य के लिए लाइव किया जाएगा.

मेलवेयर संक्रमण का भी खतरा

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यह हमला ‘वेब डिफेसमेंट’ श्रेणी के तहत आता है, जिसे आमतौर पर आउटडेटेड कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम, कमजोर एडमिन पासवर्ड या सॉफ्टवेयर की कमियों का फायदा उठाकर अंजाम दिया जाता है. इस तरह की हैकिंग का मुख्य मकसद वास्तविक डेटा चोरी करने के बजाय सरकारी साइबर सुरक्षा तंत्र को चुनौती देना और प्रचार पाना होता है. हालाँकि, ऐसे साइबर हमलों से नागरिकों के डेटा लीकेज, ऑनलाइन नागरिक सेवाओं जैसे टैक्स भुगतान व प्रमाणपत्र प्रणाली के ठप होने और मैलवेयर संक्रमण का गंभीर खतरा बना रहता है.

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