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15 नवंबर से धान खरीदी शुरू : 60 दिनों में 1.69 लाख किसानों को चुनौती, व्यवस्था में हुए कई बड़े बदलाव

Chhattisgarh November 4, 2026 रिपोर्टर: shailesh
15 नवंबर से धान खरीदी शुरू : 60 दिनों में 1.69 लाख किसानों को चुनौती, व्यवस्था में हुए कई बड़े बदलाव

15 नवंबर से धान खरीदी शुरू : 60 दिनों में 1.69 लाख किसानों को चुनौती, व्यवस्था में हुए कई बड़े बदलाव

बलौदा बाजार : छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होने जा रही है। जिले में 15 जनवरी 2027 तक यानी महज 60 दिनों में 1 लाख 68 हजार 900 से अधिक पंजीकृत किसानो से धान खरीदी की जाएगी। इसके लिए जिले मे 181 उपार्जन केंद्र बनाए गए है। सीमित समय में इतनी बड़ी संख्या में किसानों से धान खरीदी करना जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस बार धान खरीदी की प्रक्रिया में टोकन व्यवस्था से लेकर धान के उठाव और कस्टम मिलिंग तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए है।

शासन द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विटल धान खरीदी का प्रावधान किया गया है। ऐसे मे खरीदी केंद्रों में किसानो की भीड़ को नियंत्रित करने, समय पर टोकन उपलब्ध कराने, बारदाने की व्यवस्था, धान के सुरक्षित भंडारण और खरीदी के बाद उठाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होगी। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने समय-सीमा की बैठक में धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय से पहले व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए है।

टोकन व्यवस्था में बदलाव, किसान अपनी सुविधा से चुन सकेंगे तारीख

इस बार किसानों को टोकन लेने के लिए निर्धारित तारीख की बाध्यता से राहत दी गई है। किसान तुहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तिथि का टोकन ले सकेंगे। मोबाइल ऐप से टोकन जारी करने की प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू होगी। कुल टोकन में 70 प्रतिशत मोबाइल ऐप के माध्यम से और 30 प्रतिशत समिति के जरिए जारी किए जाएंगे। इसके अलावा रकबे के आधार पर टोकन की संख्या भी निर्धारित की गई है। दो एकड़ तक के किसानों को एक टोकन दो से दस एकड़ तक दो टोकन और दस एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे। इससे किसानों को धान बेचने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार तारीख चुनने का अवसर मिलेगा।

खरीदी के बाद होगा धान का उठाव भंडारण की बढ़ेगी जिम्मेदारी

धान खरीदी की व्यवस्था में इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अवैध धान की आवक और कस्टम मिलिंग पर निगरानी मजबूत करने के उद्देश्य से खरीदी के दौरान धान का उठाव नहीं किया जाएगा, बल्कि खरीदी पूरी होने के बाद उठाव किया जाएगा। ऐसे में उपार्जन केंद्रो में बड़ी मात्रा में धान का सुरक्षित भंडारण करना एक अहम चुनौती होगी। इसके लिए सभी केंद्रो में उचित स्टेकिंग, ड्रेनेज और तिरपाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है, ताकि बारिश, नमी और अन्य कारणों से धान खराब न हो।

अवैध धान और बिचौलियों पर रहेगी कड़ी निगरानी

प्रशासन ने धान खरीदी के दौरान अवैध धान की आवक रोकने और बिचौलियों पर कार्रवाई के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सभी वास्तविक किसानों से नियमानुसार धान खरीदी की जाए और किसी भी उपार्जन केंद्र में अवैध धान की आवक नहीं होने दी जाए। साथ ही खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने और सभी व्यवस्थाएं चेकलिस्ट के अनुसार पूरी करने को कहा गया है।

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