लॉगिन

छत्तीसगढ़ में नवंबर की इस तारीख से शुरू होगी धान खरीदी! खाद्य मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

Chhattisgarh October 17, 2026 रिपोर्टर: shailesh
छत्तीसगढ़ में नवंबर की इस तारीख से शुरू होगी धान खरीदी! खाद्य मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

छत्तीसगढ़ में नवंबर की इस तारीख से शुरू होगी धान खरीदी! खाद्य मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी वाली खबर सामने आई है. राज्य में 15 नवंबर से समर्थन मूल्‍य पर धान की खरीदी शुरू हो सकती है, जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की है. मंत्री ने किसानों को पंजीयन और टोकन से लेकर धान बेचने तक कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.

धान खरीदी के लिए सभी खरीदी केंद्रो पर बारदान, इलेक्ट्रानिक तौल, बिजली और पेयजल की सभी व्‍यवस्‍थाओं को करना अनिवार्य है. मंत्री बघेल ने कस्‍टम मिल‍िंग में देरी पर नाराजगी भी जताई है. उन्‍होंने धान उठाव और मिल‍िंग में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही राशन दुकानों में खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण और वितरण की नियमित निगरानी के करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्‍य

सरकार ने इस साल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्‍य रखा है. इस व्‍यवस्‍था में सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को अपनी फसल बेचने का ज्यादा मौका देने की कोशिश की है. राज्य में हर दिन धान खरीदी के कुल धान में से 70 फीसदी हिस्‍सा छोटे और सीमांत किसानों के लिए रखा जाएगा. वहीं बाकी का बचा 30 प्रतिशत धान बड़े किसानों से खरीदा जाएगा. इस फैसले से छोटे किसानों को धान बेचने में आसानी होने की उम्मीद जताई जा रही है.

इस समर्थन मूल्‍य पर बिकेगी फसल

साल 2026 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्‍य धान का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य यानी एमएसपी 2,441 रुपये प्रति क्विंटल रखा है. वहीं ग्रेड एक के धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्वि‍ंटल तया किया है. किसानों को फसल बेचने के लिए पहले टोकन लेना बेहद जरुरी है. इसके लिए तय की गई तारीख से करीब 7 दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य होगा. सरकारी नियम के अनुसार, छोटे किसानों को अधिकतम 2 टिकट और बड़े किसानों को 3 ट‍िकट दिए जाएंगे. वहीं छत्तीसगढ़ में फिलहाल 2,739 खरीदी केंद्र मौजूद है, यदि अधिक जरुरत पड़ी तो और नए केंद्र स्‍थाप‍ित किए जाएंगे.

खबर शेयर करें:

This will close in 20 seconds