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Nepal Politics: फिर से भारत विरोधी कार्ड खेलने की तैयारी में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली

World May 15, 2023 रिपोर्टर: shailesh
Nepal Politics: फिर से भारत विरोधी कार्ड खेलने की तैयारी में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली

Nepal Politics: फिर से भारत विरोधी कार्ड खेलने की तैयारी में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली

काठमांडू : ऐसा लगता है कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत विरोधी कार्ड फिर से खेलने का फैसला किया है। ओली ने अपनी पार्टी की सेंट्रल कमेटी के लिए एक दस्तावेज तैयार किया है। उसमें उन्होंने कहा है- ‘नेपाल की आंतरिक राजनीति में विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप संबंधी चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। गठबंधन बनाने, देश के संवैधानिक संस्थाओं के लिए चुनाव और यहां तक कि कानून का प्रारूप तैयार करने के दौरान भी गैर-जरूरी और अनुचित विदेशी हस्तक्षेप महसूस किया जा रहा है।’

वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन संतुलित विदेश नीति से भटक गया

विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि ओली ने 2017 के आम चुनाव में भारत विरोधी कार्ड खेला था। 2015 में नेपाल का नया संविधान लागू होने के बाद देश में यह पहला आम चुनाव था। तब ओली की पार्टी प्रतिनिधि सभा (नेपाली संसद के निचले सदन) में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। पिछले साल हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी दूसरे नंबर पर रही और फिलहाल विपक्ष में है।

अब तैयार दस्तावेज में ओली ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन संतुलित विदेश नीति से भटक गया है। उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर देश को एक विदेशी शक्ति के गोद में बैठा दिया है। हालांकि उन्होंने विदेशी शक्ति का नाम नहीं लिया है, लेकिन विश्लेषकों में आम राय है कि उनका इशारा भारत की तरफ है। एक दूसरे संदर्भ में उन्होंने भारत का नाम जरूर लिया है। उन्होंने कहा है- ‘भारत के साथ सीमा विवाद हल करने की वर्तमान सरकार ने कोई कोशिश नहीं की है, जबकि बहुत सी उन परियोजनाओं पर काम ठहरा हुआ है, जिनके लिए नेपाल और चीन के बीच करार हुआ था।’

सरकार ने देश का नया नक्शा जारी किया था

ओली जब प्रधानमंत्री थे, तब उनकी सरकार ने देश का नया नक्शा जारी किया था। उस नक्शे में भारत के तीन इलाकों को शामिल किया गया था। इसको लेकर तब भारत और नेपाल के संबंध काफी कड़वे हो गए थे। इस वर्ष ओली की पार्टी अपनी स्थापना की 75वीं सालगिरह मना रही है। इस मौके पर यूएमएल ने कम्युनिस्ट, लेबर और वामपंथी पार्टियों का एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया है। उस सम्मेलन का विषय ‘मार्क्सवाद का रचनात्मक उपयोग’ रखा गया है। सम्मेलन में कई देशों की वामपंथी पार्टियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जा रहा है।

यूएमएल की सेंट्रल कमेटी की बैठक में ओली ने अपना 17 पेज का राजनीतिक दस्तावेज पेश किया। इस दस्तावेज पर सेंट्रल कमेटी में चर्चा भी हुई है। इसमें ओली ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) पर देश में राजनीतिक अस्थिरता लाने और विदेशी सत्ता केंद्रों से प्रभावित होकर काम करने के आरोप लगाए हैं।

ओली ने कहा था कि पिछले साल के आम चुनाव के बाद यूएमएल ने देश को नए राजनीतिक रास्ते पर ले जाने की योजना बनाई, जिसे दहल ने अपने अवसरवाद से नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा है- ‘चरम अवसरवाद और विभिन्न सत्ता केंद्रों से प्रभावित माओइस्ट सेंटर को हम दक्षिणपंथ की तरफ जाने से रोकने में विफल रहे।’

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