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नक्सलियों ने पहली बार कबूला, एक साल में मारे गए 357 माओवादी, मृतकों में 136 महिलाएं

Chhattisgarh July 15, 2025 रिपोर्टर: shailesh
नक्सलियों ने पहली बार कबूला, एक साल में मारे गए 357 माओवादी, मृतकों में 136 महिलाएं

नक्सलियों ने पहली बार कबूला, एक साल में मारे गए 357 माओवादी, मृतकों में 136 महिलाएं

बीजापुर : नक्सलियों संगठनों के सामने आए पहले कबूलनामे में कबूल किया है कि सुरक्षाबलों के हाथों पिछले एक साल में उनके 357 माओवादी मारे जा चुके हैं. कबूलनामे के मुताबिक सुरक्षाबलों के गोलियों के शिकार हुए नक्सलियों में महिला नक्सली भी शामिल हैं, जिनकी संख्या 136 बताई गई है.

नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त मुहिम से नक्सल संगठनों की हालत खराब है. लगातार नक्सली निशाने पर आ रहे नकस्ली या तो सरेंडर करने को मजबूर हैं या गिरफ्तार हो रहे हैं वरना सुरक्षाबलों के गोलियों के शिकार होकर मारे जा रहे हैं.

नक्सल संगठन को सबसे बड़ा नुकसान दण्डकारण्य में हुआ, जहां, 281 नक्सली मारे गए 

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए नक्सलियों में 4 सीसी मेम्बर 15 राज्य कमेटी के नक्सली शामिल बताए जाते हैं. कबूलनामे के मुताबिक एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को सबसे बड़ा नुकसान दण्डकारण्य में हुआ है, जहां, 281 नक्सली मारे गए हैं.

नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी ने 24 पेजों वाले जारी एक बुकलेट मे ंरिलीज किया कबूलनामा

नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने जारी एक प्रेस नोट में यह कबूल किया है. करीब 24 पेज वाले गोंडी बोली व इंग्लिश भाषा में नक्सलियों ने कबूलनामे का बुकलेट भी जारी किया हैं. कबूलनामे के मुताबिक नक्सली संगठन मारे गए साथियों की याद में 28 जूलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाएंगे.

पिछले एक साल में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए नक्सलियों में 4 सीसी मेम्बर 15 राज्य कमेटी के नक्सली शामिल बताए जाते हैं. कबूलनामे के मुताबिक एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को सबसे बड़ा नुकसान दण्डकारण्य में हुआ है, जहां, 281 नक्सली मारे गए हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च, 2026 तय की है नक्सल उन्मूलन की आखिरी तारीख 

गौरतलब है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश से नक्सलियों को उखाड़ फेंकने के लिए सुरक्षाबलों को खुली छूट दे रखी है. शाह ने नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए मार्च, 2026 की तारीख भी तय कर दी है. सुरक्षाबलों की कार्रवाई से हलकान होकर लगातार नक्सली सरेंडर कर रहे हैं,  जिससे संगठन लगातार कमजोर हुआ है.

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