MP News : पेशा एक्ट के तहत 200 से ज्यादा नई शराब की दुकानें स्वीकृत, जानें क्या हैं अधिकार और प्रभाव

भोपाल : मध्य प्रदेश में पेसा (पारम्परिक जनजातीय क्षेत्र निवेश एवं स्वशासन अधिकार) नियम (Pesa Act) के तहत इस वर्ष ग्राम सभाओं ने 211 नई शराब की दुकानों को स्वीकृति दी है। यह निर्णय पेसा नियमों के तहत लिया गया है, जिसके अनुसार राज्य की आदिवासी बहुल ग्राम सभाओं को मादक पदार्थों के विक्रय, निषेधाज्ञा और उसकी निगरानी का अधिकार प्राप्त है।

नियमों का उल्लंघन पर जुर्माना
पेसा नियमों (Pesa Act) के तहत आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाली ग्राम सभाओं को राज्य सरकार द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा लागू करने का अधिकार प्राप्त है। इन ग्राम सभाओं को मादक पदार्थों के बिक्री पर नियंत्रण रखने, शराब और भांग के विक्रय के लिए प्रतिबंध लगाने और आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति मादक पदार्थों के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राम सभा को उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का अधिकार भी प्राप्त है।

पेसा नियमों के तहत ये भी जिलें 
मध्य प्रदेश में कुल 20 जिले पेसा नियमों (Pesa Act) के तहत आते हैं। इनमें से 6 जिले जैसे अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर, और डिंडोरी पूरी तरह से पेसा जिले हैं, जबकि 14 जिले आंशिक पेसा क्षेत्र में आते हैं, जिनमें बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, होशंगाबाद, खरगौन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी, उमरिया, और रतलाम शामिल हैं।

पेसा विकासखंड और ग्राम पंचायतें: 
मध्य प्रदेश में कुल 88 पेसा विकासखंड हैं, जिनमें 5,133 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में 11,596 पेसा ग्राम आते हैं। यह पेसा ग्राम अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए मादक पदार्थों के विक्रय और उसके नियंत्रण पर फैसला लेने में सक्षम हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds