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MP News : दिल्ली में दिखेगी एमपी के चीतों की झलक, कर्तव्यपथ पर लहंगी डांस करते नजर आएंगे लोक कलाकार

Madhya Pradesh January 23, 2025 रिपोर्टर: shailesh
MP News : दिल्ली में दिखेगी एमपी के चीतों की झलक, कर्तव्यपथ पर लहंगी डांस करते नजर आएंगे लोक कलाकार

MP News : दिल्ली में दिखेगी एमपी के चीतों की झलक, कर्तव्यपथ पर लहंगी डांस करते नजर आएंगे लोक कलाकार

भोपाल : 26 जनवरी 2025 को भारत 76वां गणतंत्र दिवस मनाएगा. हर साल की तरह इस बार भी राजधानी दिल्ली में इसे भव्य तरीके से मनाया जाएगा. कर्त्तव्य पथ पर परेड का आयोजन किया जाएगा. अलग-अलग राज्यों की झांकियां इस परेड़ में दिखाई देंगी. इस बार मध्य प्रदेश की झांकी सबसे अनोखी रहने वाली है. इस परेड की झांकी में चीते की झलक दिखाई देगी. इसके साथ ही प्रदेश की वाइल्ड लाइफ भी देखने को मिलेगी.

आकर्षण का केंद्र रहेगी मध्य प्रदेश की झांकी

मध्य प्रदेश की झांकी में पहली बार चीतों की झलक देखने को मिलेगी. इस झांकी को ‘चीता द प्राइड ऑफ इंडिया’ नाम दिया गया है. इसमें कूनो पालपुर नेशनल पार्क दर्शाया गया है. कूनो भारत का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है जहां चीतों को अफ्रीका से लाकर बसाया गया है.

झांकी इतनी विशेष क्यों है?

झांकी के आगे वाले हिस्से में कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वयस्क चीतों के जोड़े को दिखाया गया है. इसके साथ ही कूनो में जन्मे नन्हे चीता शावकों को दर्शाया गया है. बीच वाले हिस्से में बहती हुई कूनो नदी और इसके आसपास नेशनल पार्क के वन क्षेत्र को दिखाया गया है. इसके साथ ही नेचुरल हैबिटेट में विचरण करते हुए वन्य-जीव, जिनमें हिरण, बंदर, पक्षी और चीते उनकी बढ़ती हुई संख्या के साथ जैव-विविधता के लिये एक आदर्श के रूप में कूनो को दर्शाया गया है.

झांकी के मध्य भाग के आखिरी वाले भाग में पेड़ के नीचे बैठे ‘चीता मित्र’ को दिखाया गया है जो स्थानीय निवासियों को चीता संरक्षण के बारे में प्रशिक्षित कर रहे हैं.

झांकी के अंतिम हिस्से में वनकर्मी वाच-टॉवर से चीतों की निगरानी करते दिखाई दे रहे हैं. जो सफल चीता परियोजना में सक्रिय योगदान दे रहे हैं. झांकी के दोनों ओर LED पैनल्स के जरिए कूनो नेशनल पार्क में चीतों पर केंद्रित फिल्म को भी प्रदर्शित किया जा रहा है. झांकी के दोनों ओर सहरिया जनजाति के परंपरागत नृत्य ‘लहंगी’ करते हुए लोग दिखाई देंगे.

चीता स्टेट बना मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश टाइगर, तेंदुआ, गिद्ध, बारहसिंगा के बाद चीता स्टेट बन गया है. यहां सबसे ज्यादा चीता हैं जो अफ्रीका के नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाकर बसाए गए हैं. इनकी संख्या 24 है.

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