कोटा : कोटा के करगी रोड रेलवे स्टेशन पर 13 जुलाई 2026 की दोपहर मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतरने की घटना ने रेलवे महकमे में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तत्परता दिखाते हुए मात्र 10 घंटे के भीतर इस बड़ी लापरवाही और साजिश का खुलासा कर 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
जांच में सामने आया कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी के बजाय एक जेसीबी मशीन के बकेट के कारण हुआ, जिसे अवैध रूप से ट्रेन संख्या 18233 (इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस) के ए-1 कोच में कोच अटेंडेंट की मिलीभगत से इंदौर से करगी रोड भेजा गया था। निजी ठेकेदार पवन नायक द्वारा मंगाए गए इस बकेट को प्लेटफॉर्म पर उतारकर मजदूर ट्रैक से गुजार रहे थे, तभी अचानक मालगाड़ी आने पर वे इसे ट्रैक पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए, जिससे यह हादसा हुआ।
आरपीएफ ने इंदौर से बिलासपुर तक के स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगालने, कोच अटेंडेंट से कड़ाई से पूछताछ करने और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करने की तकनीकी रणनीति अपनाई, जिसके आधार पर अभिषेक यादव (बकेट मंगाने वाला), कोच अटेंडेंट मोहम्मद शमीर सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वर्तमान में इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार और निजी ठेकेदार पवन नायक फरार है, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है, और इस मामले ने ट्रेनों में अवैध रूप से सामान ढोने की गंभीर सुरक्षा खामियों को भी उजागर कर दिया है।