महालक्ष्‍मी ज्वेलर्स लूटकांड में बड़ा खुलासा, भाजपा पार्षद की हत्या की थी साजिश, मास्‍टरमाइंड समेत 7 गिरफ्तार

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट और एक अन्य लूट के प्रयास के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर के 27 खोली क्षेत्र में रहने वाला नारद श्रीवास है. पुलिस ने उसे तीन अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया है.

बताया जा रहा है कि नारद श्रीवास ने ही महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी और नीटी नाम के होटल संचालक की जानकारी बाहरी अपराधियों तक पहुंचाई थी, जिसके आधार पर शहर की सबसे बड़ी सोना-चांदी लूट की घटना को अंजाम दिया गया. लूट के दौरान घायल हुए संतोष तिवारी का इलाज अब भी अस्पताल में जारी है.

जांच में सामने आई सुपारी किलिंग की साजिश

मामले की जांच के दौरान एक और सनसनीखेज तथ्य सामने आया. पुलिस के अनुसार, जमीन विवाद के चलते भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. नारियल कारोबारी राजू सोनकर ने हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास की मदद से उत्तर प्रदेश से शूटर बुलवाए थे. इस पूरे मामले में नारद समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

एसएसपी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी

एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि हथौड़े से हमला कर जेवर लूटने वाले आरोपी पहले भी शहर के कई सराफा व्यापारियों की रेकी कर चुके थे. शनिवार को चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से बिलासपुर लाया गया, जहां उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई. पूछताछ में स्थानीय युवकों की संलिप्तता और सुपारी लेकर भाजपा पार्षद की हत्या की साजिश रचने का खुलासा हुआ.

जेल में हुई थी मास्टरमाइंड से पहचान

लूटकांड में शामिल विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति मूल रूप से मध्यप्रदेश के अनूपपुर का रहने वाला है और उस पर गांजा तस्करी के आरोप भी रहे हैं. बिलासपुर जेल में बंद रहने के दौरान उसकी पहचान नारद श्रीवास से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच संपर्क गहरा हुआ और आपराधिक साजिशों की नींव पड़ी.

18 दिसंबर की रात टल गई वारदात

पुलिस के मुताबिक, टिकरापारा निवासी राजू सोनकर का पार्षद बंधु मौर्य से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी रंजिश के चलते हत्या की योजना बनाई गई. नारद और विनोद ने मिलकर 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था, जिसमें से 6 लाख रुपये एडवांस भी दिए गए थे. 18 दिसंबर की रात बदमाशों ने पार्षद की कार रोककर गोली मारने की योजना बनाई, लेकिन बंधु मौर्य ने कार नहीं रोकी और तेजी से आगे बढ़ गए, जिससे उस दिन वारदात टल गई. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

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