लोकसभा चुनाव : प्रदेश की 6 सीटे जहा 23 साल से हार रही कांग्रेस, कांग्रेस के बड़े नेता भी नहीं लगा सके नैय्या पार

बिलासपुर। लोकसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ में अंतिम चरण का मतदान 7 मई को होना है। इस दिन बिलासपुर के साथ ही रायपुर, सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर चांपा, कोरबा और दुर्ग सीटों पर वोटिंग होगी। इसमें से कई ऐसी सीटें हैं जहां राज्य गठन के बाद कांग्रेस कभी नहीं जीती। इनमें बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कांकेर, रायगढ़, रायपुर और सरगुजा लोकसभा सीट शामिल है। यह सीटें पिछले 23 साल से भाजपा का गढ़ बनी हुई हैं। प्रदेश में सरकार बनने के बाद भी कांग्रेस इसमें सेंध नहीं लगा सकी जबकि कांग्रेस के बड़े नेता इन सीटों पर चुनाव लड़ चुके हैं।

जांजगीर-चांपा

राज्य गठन के बाद जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट पर 2004 से 2019 तक भाजपा जीतती आ रही है। 2004 में इस लोकसभा सीट में बीजेपी की करुणा शुक्ला ने कांग्रेस के डॉ चरणदास महंत को 11329 मतों से हराया था। 2009 में बीजेपी की कमला देवी पटले ने कांग्रेस के डॉ शिवकुमार डहरिया पर 87211 वोटों से जीत दर्ज की थी। 2014 में बीजेपी की कमला पटले ने कांग्रेस के प्रेमचंद जायसी 391978 वोटों से हार गए थे। इसी तरह 2019 में बीजेपी के गुहाराम अजगले ने कांग्रेस के रवि परसराम भारद्वाज को 83255 वोटों से मात दी थी।

रायगढ़

इस सीट पर 2004 से 2019 तक कांग्रेस को जीत नहीं मिल सकी है और भाजपा का कब्जा बरकरार है। 2004 में यहां से बीजेपी से विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के रामपुकार सिंह को हराया, 2009 में साय फिर उम्मीदवार बने और कांग्रेस के हृदयराम राठिया से जीते। 2014 में फिर साय ने कांग्रेस की आरती सिंह को परास्त किया। 2019 में बीजेपी से गोमती साय ने कांग्रेस के लालजीत सिंह राठिया को 66027 वोटों से हराया।

रायपुर

रायपुर लोकसभा सीट पर 2004 से 2019 तक भाजपा को जीत मिलती रही है। में बीजेपी से रमेश बैस लगातार तीन चुनाव जीते। 2004 में उन्होंने कांग्रेस के श्यामाचरण शुक्ला को तो 2009 में भूपेश बघेल को, 2014 में सत्यनारायण शर्मा को शिकस्त दी। 2019 में बीजेपी के सुनील सोनी ने कांग्रेस के प्रमोद दुबे को मात दी थी।

सरगुजा

2004 में इस लोकसभा सीट में बीजेपी से नंद कुमार साय ने कांग्रेस से खेलसाय सिंह को 103452 से हराया। 2009 में बीजेपी से मुरारीलाल सिंह ने कांग्रेस के भानूप्रताप सिंह को 159548 से मात दी। 2014 में सरगुजा लोकसभा सीट में बीजेपी से कमलभान सिंह मरावी और कांग्रेस से रामदेव राम मैदान में थे। इस चुनाव में कमलभान ने रामदेव को 147236 से हराया। 2019 में बीजेपी की रेणुका सिंह ने कांग्रेस के खेलसाय सिंह को 157873 से परास्त किया।

बिलासपुर

राज्य गठन के बाद बिलासपुर लोकसभा सीट पर 2004 से 2019 तक बीजेपी का कब्जा रहा है। 2004 में बीजेपी से पुन्नलाल मोहले और कांग्रेस से बसंत पहरे चुनाव लड़े थे। पुन्नू लाल मोहले को 324729 वोट मिले जबकि बसंत पहरे 81553 वोटों से हार गए थे। 2009 में बीजेपी से दिलीप सिंह जूदेव और कांग्रेस से डॉ. रेणु जोगी ने चुनाव लड़ा था। इसमें दिलीप सिंह जूदेव को 347930 वोट मिले थे। डॉ. रेणु जोगी से उनकी जीत का मार्जिन 20139 था। 2014 में बीजेपी से लखनलाल साहू और कांग्रेस से करुणा शुक्ला खड़ी हुई थीं। लखनलाल साहू को 561387 वोट मिले थे। करुणा शुक्ला से उनकी जीत का मार्जिन 124359 था। इसी तरह 2019 में अरुण साव ने कांग्रेस के अटल श्रीवास्तव 141763 वोटों से हराया था।

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