लॉगिन

छत्तीसगढ़ में लाइसेंस व्यवस्था खत्म, निर्माताओं-विक्रेताओं के लिए लागू हुई नई पंजीयन व्यवस्था

Chhattisgarh September 4, 2026 रिपोर्टर: shailesh
छत्तीसगढ़ में लाइसेंस व्यवस्था खत्म, निर्माताओं-विक्रेताओं के लिए लागू हुई नई पंजीयन व्यवस्था

छत्तीसगढ़ में लाइसेंस व्यवस्था खत्म, निर्माताओं-विक्रेताओं के लिए लागू हुई नई पंजीयन व्यवस्था

रायपुर। राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विधिक माप विज्ञान व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल एवं व्यवसाय-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम, 2011 में संशोधन किया गया है। यह संशोधन विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 53 के अंतर्गत भारत सरकार से परामर्श के उपरांत किया गया है।

संशोधन के माध्यम से वर्तमान अनुज्ञप्ति (License) आधारित व्यवस्था को समाप्त करते हुए निर्माता, सुधारक एवं विक्रेता के लिए पंजीयन प्रमाण-पत्र (Certificate of Registration) की नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए नियम 11 को पूर्णतः प्रतिस्थापित किया गया है। अब संबंधित निर्माता, सुधारक एवं विक्रेता को विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्व-घोषणा के आधार पर पंजीयन के लिए आवेदन करना होगा।

नई व्यवस्था में पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी करने से पूर्व भौतिक निरीक्षण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। स्व-घोषणा के आधार पर निर्धारित प्रारूप में पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

पंजीयन प्रमाण-पत्र की प्रमुख विशेषताएं

पंजीयन के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकेगा।

पंजीयन स्व-घोषणा के आधार पर होगा।

पंजीयन जारी करने से पूर्व प्रारंभिक निरीक्षण आवश्यक नहीं होगा।

पंजीयन प्रमाण-पत्र में संशोधन अथवा अतिरिक्त प्रविष्टि के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होगी।

पंजीकृत निर्माता, सुधारक एवं विक्रेताओं का ऑनलाइन डेटाबेस संधारित किया जाएगा।

पंजीयन प्रमाण-पत्र स्थायी रूप से वैध रहेगा तथा सामान्य परिस्थितियों में इसके नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।

व्यवसाय सुगमता के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान

किसी निर्माता द्वारा निर्मित बाट अथवा माप का उपयोग यदि किसी अन्य राज्य में हो रहा है, तो उसकी मरम्मत के लिए अलग से सुधारक पंजीयन प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। निर्माता द्वारा संबंधित विधिक माप विज्ञान अधिकारी को मरम्मत की पूर्व सूचना देना पर्याप्त होगा।

पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी स्पष्ट

यदि पंजीयन के लिए दी गई जानकारी असत्य अथवा भ्रामक पाई जाती है या अधिनियम एवं नियमों का उल्लंघन होता है, तो जांच के उपरांत पंजीयन प्रमाण-पत्र निरस्त किया जा सकेगा। हालांकि, निरस्तीकरण से पूर्व संबंधित पंजीयनधारी को उचित सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा।

सुधार सूचना एवं शमन प्रक्रिया अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से

नियमों में सुधार सूचना एवं शमन सूचना जारी करने की प्रक्रिया को भी डिजिटल किया गया है। उल्लंघन पाए जाने पर निर्धारित प्रारूप में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सुधार सूचना जारी की जाएगी। सुधार सूचना का पालन नहीं होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शमन सूचना भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी की जा सकेगी

सुधार सूचना में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। निर्धारित अवधि में सुधारात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने पर अधिनियम के अनुसार अभियोजन, अपराध का शमन तथा पंजीयन के निलंबन अथवा निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा सकेगी।

पंजीयन शुल्क का नया प्रावधान

संशोधित अनुसूची में निर्माता, सुधारक एवं विक्रेता के लिए पंजीयन शुल्क तथा पंजीयन प्रमाण-पत्र में संशोधन/अतिरिक्त प्रविष्टि के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। अनुसूची के अनुसार निर्माता के लिए ₹50,000, सुधारक के लिए राज्य/संभाग/जिला स्तर पर ₹20,000 तथा संशोधन/अतिरिक्त प्रविष्टि के लिए ₹1,000 शुल्क निर्धारित किया गया है।

उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के साथ व्यापार सुगमता

संशोधन में एक ओर उद्योग एवं व्यापार के लिए License से Registration की ओर संक्रमण, ऑनलाइन स्व-घोषणा और निरीक्षण-मुक्त प्रारंभिक पंजीयन जैसी सुविधाएं दी गई हैं, वहीं दूसरी ओर सत्यापित एवं मुद्रांकित बाट-माप के उपयोग, अभिलेख संधारण तथा उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई के प्रावधानों को बनाए रखा गया है। पंजीयनधारी द्वारा असत्यापित, अमुद्रांकित अथवा अमानक बाट-माप को बिक्री हेतु रखना प्रतिबंधित रहेगा।

राज्य शासन का यह संशोधन विधिक माप विज्ञान व्यवस्था में लाइसेंस आधारित पारंपरिक प्रक्रिया के स्थान पर सरल एवं डिजिटल पंजीयन व्यवस्था स्थापित करता है। इससे अनुपालन प्रक्रिया सरल होगी, विभागीय कार्यवाही में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा व्यवसायों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

खबर शेयर करें:

This will close in 20 seconds