सदन में गूंजा जल जीवन मिशन का मुद्दा : अधूरे कार्यों पर विपक्ष का हंगामा, मंत्री ने जांच का दिया आश्वासन

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में लापरवाही का मामला गूंजा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां काम अधूरे हैं और वहां के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। इसके लिए ठेकेदार को भुगतान नहीं होने को कारण बताया गया। विभागीय मंत्री ने इसकी जांच कराकर जल्द ही ऐसे स्थानों में इस योजना के तहत पानी पहुंचाने का भरोसा सदन को दिलाया।

प्रश्नकाल के दौरान आज विपक्ष के सदस्य संगीता सिन्हा ने बालोद विधानसभा में 2 फरवरी 2026 की स्थिति में जल जीवन मिशन की जानकारी मांगी। उन्होंने बताया कि इस विधानसभा में कितने कार्य स्वीकृत है उसमें कितने पूर्ण और कितने अपूर्ण हैं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने बताया कि इस क्षेत्र में 214 योजनाएं स्वीकृत है जिसमें से 102 कार्य पूर्ण है कुछ गांवों में खराबी की शिकायत आई है जिसे सुधारने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्र सरकार ने इसकी समय सीमा 2028 तक बढ़ा दी है निर्धारित समय तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।

विपक्ष के सदस्य ने बताया कि जो भी कार्य पूर्ण बताया गया है वहां कही पाइप लाइन टूटी है कही टंकी लीकेज है तो कही नलों में टोटी नहीं है। ठेकेदारों को 85 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया है इसलिए काम पूरा नहीं हो रहा है। ऐसे में दोषी लोगों पर सरकार क्या कार्रवाई कर रही है।विभागीय मंत्री ने विपक्ष से कहा कि जहां भी गुणवत्ताहीन कार्य हुए है उनकी जानकारी उन्हें दे जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे ।

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