रायपुर: छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक विभाग से अजब-गजब मामला सामने आ रहा है. राज्य के के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में इन दिनों कुछ भी सामान्य नहीं चल रहा है. यहां प्रमोशन का मतलब सिर्फ कागज पर मुख्यालय पहुंचना रह गया है, जबकि कामकाज का तरीका जस का तस जिलों से ही चल रहा है. विभाग के दो बड़े अधिकारियों की पोस्टिंग का मामला इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है. पूरा मामला पढ़कर आप भी दंग रह जाएंगे.
जानकारी के अनुसार, बेमेतरा में पदस्थ अधिकारी आशीष यादव का प्रमोशन हुआ. प्रमोशन कर उन्हें मुख्यालय में डिप्टी कमिश्नर बना दिया है. इसी तरह नीलम ठाकुर जोकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अभिहित अधिकारी हैं उन्हें भी डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पोस्टिंग के लिए रायपुर बुला लिया गया है. दोनों ही अधिकारी ने रायपुर आकर ज्वाइनिंग भी दे दी है. लेकिन हैरान करने वाली बात तो यह है कि, जॉइनिंग के बाद दोनों अधिकारी वापस अपने-अपने जिलों में लौट गए और वहीं से कामकाज संभाल रहे हैं. क्योंकि, जिला स्तर से उन्हें अब तक रिलीव ही नहीं किया गया है.
विभाग में असमंजस की स्थिति
इससे विभाग में कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई है कि उन्हें काम जिले से करना है या मुख्यालय से. इधर, विभाग में एक और फैसले ने सीनियर अधिकारियों की नाराजगी बढ़ा दी है. वहीं, एक फूड इंसपैक्टर जोकि रैंक में अभिहित अधिकारी से पद में छोटा होता है. उसे सीधे असिस्टेंट कमिश्नर का प्रभार सौंप दिया गया है. और यही अधिकारी जिलों में पदस्थ अपने से सीनियर अभिहित अधिकारियों को निर्देश जारी कर रहे हैं.
सूत्र तो यह भी कह रहे हैं कि, इसी विरोध को शांत करने के लिए दो अभिहित अधिकारियों की मुख्यालय में पोस्टिंग की गई थी, लेकिन बिना रिलीव किए यह कदम भी महज औपचारिकता बनकर रह गया. बताया जा रहा है कि वर्तमान में ड्रग कंट्रोलर अवकाश पर हैं और उनके लौटने के बाद ही इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा .