बेगुनाह बच्चे और महिलाएं बन रहे युद्ध का शिकार, हर घंटे में जा रही 2 माताओं की जान; UN की डरा देने वाली रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र। 7 अक्टूबर से शुरू हुआ इजरायल-गाजा युद्ध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस खूनी संघर्ष के सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं और बच्चे हुए हैं। वहीं, लगभग 16 हजार लोगों की मौत हुई है।

अनुमान लगया जा रहा है कि इजरायल पर हमास के अचानक हमले के बाद से हर घंटे में 2 माताओं की जान जा रही है। इस युद्ध को 100 दिन से भी अधिक का समय हो गया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

3,000 महिलाएं हुई विधवा

संयुक्त राष्ट्र द्वारा शुक्रवार को जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, इस जंग के बाद से कम से कम 3,000 महिलाएं विधवा हो चुकी है और लगभग 10 हजार बच्चों ने अपने पिता को खो दिया है। एजेंसी ने बताया कि क्षेत्र की 2.3 मिलियन आबादी में से 1.9 मिलियन विस्थापित हो चुकी हैं और करीब दस लाख महिलाएं और लड़कियां आश्रय और सुरक्षा की तलाश में हैं।

बंधकों की तत्काल रिहाई करने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महिला की कार्यकारी निदेशक, सिमा बाहौस ने कहा कि 7 अक्टूबर के इजरायल -हमास हमले पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि गाजा और वेस्ट बैंक में मारे गए सभी नागरिकों में से 67% पुरुष थे और 14% से कम महिलाएं थीं। सिमा ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मानवीय युद्धविराम और 7 अक्टूबर को इजरायल में बंदी बनाए गए सभी बंधकों की तत्काल रिहाई के आह्वान को भी दोहराया।

विनाश और हत्या पर कल अधिक मनाएंगे शोक

सिमा ने रिपोर्ट के साथ एक बयान में कहा, ‘आज हम गाजा की महिलाओं और लड़कियों की स्थिति पर कितना भी शोक मनाएं, हम अप्रतिबंधित मानवीय सहायता और विनाश और हत्या को समाप्त किए बिना कल और अधिक शोक मनाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि ये महिलाएं और लड़कियां सुरक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य देखभाल और आश्रय से वंचित हैं। उन्हें आसन्न भुखमरी और अकाल का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा वे आशा और न्याय से वंचित हैं।’

25,000 फलस्तीनी की मौत

हमास द्वारा संचालित गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि संघर्ष में लगभग 25,000 फलस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से 70% महिलाएं और बच्चे हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गाजा में आबादी का एक चौथाई -भूख से मर रहे हैं। माना जाता है कि गाजा में अभी भी 100 से अधिक इजरायली बंधकों को बंधक बनाकर रखा गया है।

एजेंसी ने कहा कि गाजा में बढ़ती शत्रुता के बावजूद महिला नेतृत्व वाले और महिला अधिकार संगठन काम करना जारी रख रहे हैं। इसमें पाया गया कि गाजा पट्टी में सर्वेक्षण में शामिल 83% महिला संगठन कम से कम आंशिक रूप से चालू हैं।

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