राजनांदगांव। मां दुर्गा काली और महारानी लक्ष्मी बाई की गौरव गाथाओं के देश भारत में वीरांगनाओं के किस्से यूँ ही प्रचलित नहीं है। विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजा के दौरान राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा को नीली चमचमाती साड़ी पहने, चमकती तलवार से एक झटके में बलि की प्रथा पूरी करते, AK-47 से तड़-तड़ फायरिंग करते हुए VIDEO देखकर आप यकीन करेंगे कि हमारे देश में वीरांगनाओ की कमी तो अब भी नहीं है।
विधि-विधान से की गई मा शक्ति की आराधना
शस्त्र पूजा के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस ने वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए रक्षित केंद्र में शस्त्र पूजन किया। पुलिस अधीक्षक अकिता शर्मा ने विधि-विधान से मा शक्ति की आराधना कर पुलिस के शस्त्रों की पूजा की। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना के साथ पुलिसकर्मियों ने अपने शस्त्रों का पूजन कर उनका उपयोग सदैव कानून की रक्षा, अपराध पर नियंत्रण और आम नागरिको की सुरक्षा के लिए करने का संकल्प दोहराया।
निर्दोष की रक्षा और बुराइयों के अंत का संकल्प
शस्त्र पूजन के दौरान पुलिसकर्मियों ने यह संकल्प लिया कि शस्त्र का उपयोग किसी निर्दोष के खिलाफ नहीं होगा और असहाय तथा जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा तत्पर रहेगी। एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विजयदशमी पर शस्त्र पूजन किया गया। उन्होने बताया कि मां भवानी से समाज मे व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने की शक्ति और अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने की कामना की गई है।
परंपरा के अनुरूप किया गया हर्ष फायर
पूजा-अर्चना के बाद पुलिस अधिकारियों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए हर्ष फायर भी किया। इस दौरान रक्षित केंद्र का माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण रहा। जिले के विभिन्न थाना चौकी और पुलिस कैपो में भी विजयदशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिसकर्मियों ने मां शक्ति की आराधना कर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया।
एएसपी सहित कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर सहित जिले के विभिन्न पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विजयदशमी का यह आयोजन पुलिस के लिए परंपरा के साथ जनसेवा, कर्तव्य और नागरिको की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर भी बना।