जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इमरान खान, आईएचसी ने खारिज की थी अर्जी

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अल कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। इमरान और उनकी पत्नी के खिलाफ एक रियल इस्टेट टायकून से रिश्वत के तौर पर अरबों रुपये की जमीन लेने का आरोप है।

आईएचसी से अर्जी खारीज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इमरान

पूर्व पीएम 26 सितंबर से ही रावलपिंडी के अदियाला जेल में बंद है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) द्वारा 14 नवंबर को उनकी अर्जी खारीज होने के बाद उन्होंने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। स्ठानीय मीडिया के अनुसार इमरान खान ने अपनी जमानत याचिका में नेशनल अकाउंटाबिलिटी ब्यूरो पर आरोप लगाया ब्यूरो ने पिछली सरकार के साथ मिलकर इस मामले का इस्तेमाल उन्हें परेशान करने के लिया किया।

अपील में सुप्रीम कोर्ट से आईएचसी के निर्णय और अल कादिर ट्रस्ट मामले में आईएचसी द्वारा 14 नवंबर को लिए गए फैसले और अकाउंटबिलिटी कोर्ट के 10 अगस्त वाले फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। अल कादिर मामला 190 मिलियन पाउंड यानी की 50 अरब के सेटेलमेंट का मामला है, जो यूके के राष्ट्रीय क्राइम एजेंसी ने पाकिस्तानी प्रोपर्टी टायकून से पैसे लेने के बाद उसे पाकिस्तान भेज दिया था।

प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान ने राष्ट्रीय खजाने में जमा करने के बजाय टायकून को लगभग 450 अरब रुपये के जुर्माने को आंशिक रूप से निपटाने के लिए राशि का उपयोग करने की अनुमति दी थी। इसके बदले में टायकून ने उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 57 एकड़ जमीन रिश्वत के तौर पर दी थी। यह जमीन उन्हें पंजाब के झेलम जिले के सोहावा इलाके में अल कादिर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए दिया गया था।

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