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इमरान और उनकी पत्नी बुशरा नहीं होंगे गिरफ्तार, अदालत ने दी बड़ी राहत

World May 23, 2023 रिपोर्टर: shailesh
इमरान और उनकी पत्नी बुशरा नहीं होंगे गिरफ्तार, अदालत ने दी बड़ी राहत

इमरान और उनकी पत्नी बुशरा नहीं होंगे गिरफ्तार, अदालत ने दी बड़ी राहत

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री व पाकिस्ततान हरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को अलग-अलग मामले को लेकर राहत मिली है। दरअसल, जहां एक आतंकवाद-रोधी अदालत यानि एटीसी ने खान के खिलाफ दर्ज आठ मामलों में उनकी अंतरिम जमानत बढ़ा दी। वहीं, उनकी पत्नी को अलकादिर ट्रस्ट मामले में अंतरिम जमानत मिली है|

आठ मामलों में राहत

इमरान ने आठ अलग-अलग मामलों में आतंकवाद-रोधी अदालत में याचिका दायर की। वह इन याचिकाओं को दायर करने के लिए रावलपिंडी ऑफिस पहुंचे थे। इन मामलों पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अदालत ने इमरान को 8 जून तक गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया है।

खान ने दी ये अपील

सुनवाई के दौरान इमरान ने कहा कि मुझे निशाना बनाया जा रहा है। मेरे ऊपर सबसे पहले वजीराबाद में आत्मघाती हमला किया गया। फिर कोर्ट परिसर में हमला हुआ। गृह मंत्री विपक्षी पार्टी से हैं। वह खुद कह रहे हैं कि मेरी जान को खतरा है। खान ने कहा कि जब-जब मैं घर से बाहर निकलता हूं, तब-तब मुझे लगता है कि मैं अपनी जान को खतरे में डाल रहा हूं। उन्होंने अदालत को बताया कि लोग पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। पार्टियां कभी खत्म नहीं होती हैं। इमरान ने बताया कि उन्हें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और महिलाओं की चिंता सता रही है। इन लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है।

मिलियन पाउंड के घोटाले का केस

वहीं, उनकी पत्नी बुशरा बीबी को अलकादिर ट्रस्ट मामले में अंतरिम जमानत दी गई है। बता दें, बुशरा के ऊपर 190 मिलियन पाउंड के घोटाले का मामला दर्ज है। इस केस की सुनवाई को लेकर इमरान खान और उनकी पत्नी इस्लामाबाद ज्यूडिशियल कॉम्पलैक्स में पहुंचे थे। जहां अदालत ने अलकादिर ट्रस्ट मामले पर सुनवाई की और फिर आदेश दिया कि बुशरा को 31 मई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। साथ ही पांच लाख रुपये का जमानत बांड जमा करने का आदेश दिया है।

मामले की सुनवाई इस्लामाबाद अदालत में हुई, जिसमें न्यायाधीश मुहम्मद बशीर ने कार्यवाही की अध्यक्षता की। न्यायाधीश ने सबूतों की जांच करने और जांच जारी रखने के लिए जांच अधिकारी को नोटिस भी जारी किया है।

पहले भी लगाई थी रोक

इससे पहले भी अदालत ने उन्हें 23 मई तक गिरफ्तार करने पर रोक लगाई थी। जमानत की अवधि आज समाप्त हो गई। यही वजह था कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत गई थीं, जहां से अब उन्हें जमानत मिल गई। दरअसल, अलकादिर ट्रस्ट मामले में बुशरा बीबी के ऊपर नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (NAB) के जरिए गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा था।

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