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केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे आईएएस डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे, बनाए गए ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर

Chhattisgarh September 25, 2025 रिपोर्टर: shailesh
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे आईएएस डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे, बनाए गए ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे आईएएस डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे, बनाए गए ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर

रायपुर  : छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के आदेश जारी होते ही डॉक्टर भूरे जल्द ही राजनांदगांव कलेक्टर के पद से रिलीव किए जाएंगे।

डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे का जन्म 12 सितंबर 1984 को महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले के लखानंदुर गांव में हुआ। उनके पिता शिक्षक थे और उन्होंने अपने पुत्र को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। डॉक्टर भूरे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पूरी की, जहां उन्होंने पहली से दसवीं तक की पढ़ाई मातृभाषा मराठी में की। इसके बाद उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भंडारा शहर से पूरी की।

एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए उन्हें पुणे के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला। अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई में शुरू में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर उन्होंने एमबीबीएस पूरा किया।

एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इस दौरान उनकी शादी हो गई। नौकरी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने लगातार यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। उनकी पत्नी डॉ रश्मि भूरे ने इस दौरान उनका पूर्ण सहयोग और प्रेरणा प्रदान की।डॉक्टर भूरे ने 2009 में यूपीएससी का पहला प्रयास किया और आईपीएस बने, उन्हें 2010 बैच एलॉट हुआ। इसके बाद 2010 के यूपीएससी प्रयास में वे आईएएस बने और 2011 बैच में छत्तीसगढ़ कैडर उन्हें आवंटित किया गया।

वर्तमान में डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे राजनांदगांव कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में अपने उत्कृष्ट नेतृत्व और समर्पण के लिए कई प्रशंसा प्राप्त की है। अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी, जिसमें देश में टेक्सटाइल उद्योग के विकास, नीतियों का क्रियान्वयन और निवेश संवर्द्धन से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं।

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