महिला गार्ड ने मरीज को लगाया इंजेक्शन : हाईकोर्ट पहुंचा मामला, कोर्ट ने कहा- ये जिंदगी से खिलवाड़, मौत का कौन होगा जिम्मेदार?

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था. यहां जिला अस्पताल में महिला गार्ड एक महिला मरीज को इंजेक्शन लगाती नजर आई थी. जब यह तस्वीर सामने आई तो पूरे सिस्टम की पोल खुल गई. अब यह मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले में पर सुनवाई करते हुए इसे दुखद बताया. साथ ही कहा कि यह तो लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है. अगर किसी की जान चली गई तो जिम्मेदार कौन होगा. इस मामले में कोर्ट ने कलेक्टर गरियाबंद को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है. वहीं, अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी.

महिला गार्ड ने मरीज को लगाया इंजेक्शन

गरियाबंद जिला अस्पताल से आई एक तस्वीर ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र की पोल खोल दी. वायरल तस्वीर में अस्पताल की महिला गार्ड एक महिला मरीज को इंजेक्शन लगाती नजर आ रही थी. इस गंभीर लापरवाही पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू कर दी है. 22 अगस्त को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की बेंच ने सुनवाई करते हुए इसे बेहद गंभीर और जीवन से खिलवाड़ बताया.

कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए सवाल उठाया कि आप लोग कर क्या रहे हैं? अस्पतालों में यह क्या हो रहा है? अगर किसी की जान चली गई तो जिम्मेदार कौन होगा? अदालत ने गरियाबंद कलेक्टर को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया और घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. बेंच ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की घटना की अनदेखी नहीं की जा सकती. मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते 28 अगस्त को होगी.

क्या है पूरा मामला?

असल में कुछ दिन पहले जिला अस्पताल गरियाबंद में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था की एक तस्वीर सामने आई. दरअसल, एनआरएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के बीच अस्पताल में महिला गार्ड द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाने का मामला सामने आया. इस घटना का वीडियो और फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी मौजूद न होने पर महिला गार्ड ने महिला मरीज को इंजेक्शन लगा दिया. उस वक्त अस्पताल में मौजूद पूर्व पार्षद ने यह नजारा देखा और तुरंत इसका वीडियो बना इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया.

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