मासिक शिवरात्रि पर करें व्रत और पूजन, जानें इसकी तिथि, महत्व और पूजन-विधि

सनातन धर्म में भगवान शिव की पूजा के लिए महीने में कुछ दिन खास माने जाते हैं। इनमें हर सोमवार के अलावा प्रदोष तिथि और मासिक शिवरात्रि की तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है। मासिक शिवरात्रि हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस महीने मासिक शिवरात्रि का व्रत 17 मई दिन बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति मासिक शिवरात्रि का व्रत रखता है और विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करता है उसकी हर मुश्किल आसान हो जाती है और हर मनोकामना पूर्ण होती है।

मासिक शिवरात्रि का महत्व

धार्मिक ग्रंथों में मासिक शिवरात्रि व्रत को बहुत प्रभावशाली माना गया है। मान्यता है कि जो भी भक्त मासिक शिवरात्रि का सच्चे मन से व्रत रखता है और पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। खास तौर पर कुंवारी कन्याओं को इस व्रत का बहुत शुभ फल मिलता है और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। साथ ही मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से उनके विवाह में आनेवाली रुकावटें भी दूर होती हैं।

मासिक शिवरात्रि: तिथि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवरात्रि भगवान शिव और माता शक्ति के संगम का एक पर्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. इस बार मासिक शिवरात्रि 17 मई 2023 रात 10:28 से अगले दिन यानी 18 मई रात 9:43 तक रहेगी.

पूजन विधि

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का विधि पूर्वक पूजन करें।

इस दिन जल, शहद, दूध, दही, शुद्ध घी, शक्कर आदि से शिवलिंग के रुद्राभिषेक से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं।

पूजन के समय शिवलिंग पर जल या दूध के अलावा धतूरा, बेलपत्र और फूल अवश्य अर्पित करें।

इस दिन मंदिर में बैठकर शिव स्तुति, शिव चालीसा और शिव श्लोक का जाप करने से विशेष फल मिलता है।

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