दुर्ग ग्रामीण विधानसभा : कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू का भाजपा के ललित चंद्राकर से सीधा मुकाबला

दुर्ग : दुर्ग जिले के छह विधानसभा क्षेत्र में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा इस बार खासी चर्चा में है, इसलिए कि यहां कांग्रेस ने दिग्गज नेता और प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के सामने भाजपा ने युवा चेहरा ललित चंद्राकर को मैदान में उतारा है।
युवा और बुजुर्ग प्रत्याशी के बीच मुकाबला है, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन भी चुनाव लड़ने के मूड में हैं। ऐसी स्थिति में त्रिकोणीय संघर्ष से इस विधानसभा का मुकाबला बेहद ही दिलचस्प हो सकता है । बेलचंदन को वर्ष 2008 में भाजपा ने इस सीट पर टिकट दी थी, लेकिन वे कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिमा चंद्राकर से हार गए थे।
इस तरह चुने गए पार्टी के विधायक
कांग्रेस की प्रतिमा चंद्राकर वर्ष 2008 में भाजपा प्रत्याशी प्रीतपाल बेलचंदन को महज 1557 वोटों से हराकर विधायक बनी। वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा की रमशीला साहू ने कांग्रेस की प्रतिमा चंद्राकर को महज 2979 वोट से हरा दिया। वर्ष 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू ने जागेश्वर साहू को 27112 वोट से हराकर विधायक बने ।
कांग्रेस का गढ़ रहा है यह विधानसभा
वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया इस विधानसभा क्षेत्र में दुर्ग और भिलाई श्रमिक बस्ती का बड़ा हिस्सा शामिल हो गया | इस वजह से इस विधानसभा कांग्रेस का गढ़ बन गया । परिसीमन के बाद से इस विधानसभा क्षेत्र से दो बार कांग्रेस प्रत्याशी ने कई चुनौतियों के बाद जीत हासिल ‘की। एक बार यहां बीजेपी लहर का फायदा मिला और इस पार्टी की महिला विधायक चुनी गई।
विधानसभा में ये मुद्दे
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र मे मुद्दे भी क्षेत्र की मतदाताओं के हिसाब से मिलाजुला ही है। सबसे बड़ा मुद्दा है बीएसपी की 5 एकड़ जमीन हस्तातरण का है, जो पांच सालों में केवल कागज में ही रह गई। जिसकी वजह से 100 बिस्तर अस्पताल, शासकीय कॉलेज भवन, आडिटोरियम सहित कई विकास कार्य नहीं हो पाए। उमरपोटी ग्राम पंचायत की जमीन पर निगम से लगी कालोनियां बनी हुई है । इन कालोनियों में बिजली, नाली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं कोसो दूर है। गांव सहित पूरे क्षेत्र में बिजली की समस्या है। श्रमिक बस्तियों व सेक्टर एरिया में ही विकास कार्य दिखाई देता है।