सुदखोरी गैंग का दुर्ग पुलिस ने किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

भिलाई। दुर्ग जिले में भी सुदखोरी के एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां सुदखोरी का एक पूरा गैंग काम कर रहा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र का है, जहां एक सेवानिवृत्त बीएसपी कर्मचारी से जबरन 10 लाख रुपये की वसूली की गई है। प्रार्थी ने 3 लाख रुपए उधार लिए थे, लेकिन इसके बाद सुदखोरों ने उनसे 10 लाख रुपए से ज्यादा पैसे वसूले और लगातार पैसों की डिमांड कर रहे थे।
प्रार्थी ने थाना भिलाई भट्ठी में लिखित शिकायत देते हुए बताया कि उसने घरेलू जरूरतों के लिए प्रदीप नायक से पैसे मांगे थे। प्रदीप ने उसे एम. कृष्णा रेड्डी उर्फ सोनू के माध्यम से जयदीप सिंह नामक व्यक्ति से 28 फरवरी 2025 को 3 लाख रुपये उधार दिलवाए थे। इसके बदले प्रार्थी से प्रगति महिला नागरिक सहकारी बैंक, सेक्टर-2 के पांच ब्लैंक चेक और दो एग्रीमेंट पेपर पर हस्ताक्षर करवाकर रख लिए गए थे। प्रार्थी ने 4 महीने बाद जून 2025 में ब्याज सहित पूरी राशि लौटा दी थी। लेकिन इसके बाद भी आरोपी जयदीप सिंह लगातार यह कहकर दबाव बनाता रहा कि अभी ब्याज की रकम बाकी है। इस बहाने उसने चेक और एग्रीमेंट पेपर वापस करने से इनकार कर दिया। इसकी वजह से प्रार्थी पर लगातार पैसे देने का दवाब बनाया जा रहा था।
30 नवंबर 2025 को प्रार्थी बीएसपी से सेवानिवृत्त हुआ। 3 दिसंबर 2025 को जब वह अपनी पत्नी के साथ बैंक पहुंचा और रिटायरमेंट की रकम को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में था, तभी आरोपी जयदीप सिंह, कृष्णा रेड्डी, प्रदीप नायक और उनके 8–10 साथी वहां पहुंच गए। आरोपियों ने उसे और उसकी पत्नी को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और दबाव बनाकर 9 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से तथा 1 लाख रुपए नगद, कुल 10 लाख रुपये जबरन अपने परिचित के खाते में जमा करा लिए।
पुलिस ने प्रकरण में विभिन्न बैंक के ब्लैंक चेक, एग्रीमेंट दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। इस मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं। इनमें ओमप्रकाश (57 वर्ष), सेक्टर-7, प्रदीप नायक (38 वर्ष), सेक्टर-1 और एम. कृष्णा रेड्डी (28 वर्ष), तालपुरी को गिरफ्तार किया गया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में यह अन्य लोगों से भी पैसे वसूलने का खुलासा हो सकता है।