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डॉ. अम्बेडकर केवल दलितों के नहीं, सम्पूर्ण समाज के महान चिंतक और नेता” : डॉ. राजकुमार फलवारिया

Chhattisgarh January 24, 2026 रिपोर्टर: shailesh
डॉ. अम्बेडकर केवल दलितों के नहीं, सम्पूर्ण समाज के महान चिंतक और नेता” : डॉ. राजकुमार फलवारिया

डॉ. अम्बेडकर केवल दलितों के नहीं, सम्पूर्ण समाज के महान चिंतक और नेता” : डॉ. राजकुमार फलवारिया

डॉ. अम्बेडकर विचारपुंज की आभा’ विषय पर लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित परिचर्चा

रायपुर : रायपुर साहित्य उत्सव 2026 “आदि से अनादि तक” के द्वितीय दिवस के पंचम सत्र अंतर्गत पुरखौती मुक्तांगन स्थित लाला जगदलपुरी मंडप में “डॉ. अम्बेडकर विचारपुंज की आभा” विषय पर एक विचारोत्तेजक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात चिंतक डॉ. राजकुमार फलवारिया उपस्थित रहे।

अपने वक्तव्य में डॉ. राजकुमार फलवारिया ने कहा कि भारत के सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक क्षेत्र, मीडिया जगत तथा अनेक दलित संगठनों द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर को केवल दलितों का नेता मानने की धारणा अधूरी और सीमित है। उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं, तथ्यों तथा बाबासाहेब के विचारों के माध्यम से स्पष्ट किया कि डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण समाज के नेता, चिंतक और मार्गदर्शक थे।

डॉ. फलवारिया ने कहा कि बाबासाहेब केवल सामाजिक न्याय के प्रतीक ही नहीं थे, बल्कि वे महान अर्थशास्त्री, लेखक, बैरिस्टर, शिक्षक, पत्रकार, संपादक, स्तंभकार, श्रम मंत्री एवं कानून मंत्री के रूप में एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, श्रमिकों के हितों, आर्थिक नीतियों, कृषि एवं औद्योगिक विकास, नदी जल प्रबंधन तथा भारतीय संविधान के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर सम्पूर्ण समाज को केंद्र में रखकर कार्य किया।

परिचर्चा के दौरान  विचार व्यक्त किए कि डॉ. अम्बेडकर का चिंतन आज भी सामाजिक समरसता, लोकतंत्र और समानता के लिए पथप्रदर्शक है। कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. अम्बेडकर के समग्र विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना तथा उन्हें केवल एक वर्ग तक सीमित करने की मानसिकता पर पुनर्विचार करना रहा।

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