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छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग कॉलेजों पर संकट, आईएनसी की सूची से बाहर होने के बाद मचा हड़कंप…

Chhattisgarh August 16, 2026 रिपोर्टर: shailesh
छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग कॉलेजों पर संकट, आईएनसी की सूची से बाहर होने के बाद मचा हड़कंप…

छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग कॉलेजों पर संकट, आईएनसी की सूची से बाहर होने के बाद मचा हड़कंप…

रायपुर. छत्तीसगढ़ में नर्सिंग शिक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) की सूची से प्रदेश के 42 नर्सिंग कॉलेजों के बाहर होने की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों, अभिभावकों और कॉलेज संचालकों के बीच चिंता बढ़ गई है. हालांकि, इसे सभी प्रकार की मान्यता पूरी तरह रद्द होना मानना सही नहीं होगा, क्योंकि नर्सिंग संस्थानों के लिए राज्य नर्सिंग परिषद की मान्यता, विश्वविद्यालय की संबद्धता और आईएनसी की उपयुक्तता अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभावित संस्थानों में सबसे अधिक 15 कॉलेज रायपुर जिले के बताए जा रहे हैं. इसके अलावा बिलासपुर के 7, दुर्ग के 6, राजनांदगांव के 5, बलरामपुर के 2, सरगुजा के 2 तथा बस्तर, गरियाबंद, महासमुंद, रायगढ़ और सूरजपुर जिले के एक-एक नर्सिंग कॉलेज शामिल बताए गए हैं.

आईएनसी की सूची से बाहर होने की खबर सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चिंता उन विद्यार्थियों में है, जो इन संस्थानों में बीएससी नर्सिंग, जीएनएम या अन्य नर्सिंग पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं. छात्रों को अपनी पढ़ाई, परीक्षा, पंजीयन और भविष्य में मिलने वाली डिग्री की स्वीकार्यता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

मान्यता प्रक्रिया को लेकर सख्ती

मामले की गंभीरता को देखते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय तथा छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की ओर से नर्सिंग संस्थानों की मान्यता और आवश्यक अनुमतियों को लेकर सख्ती की जा रही है.

छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के नियमों के अनुसार किसी नर्सिंग कार्यक्रम को संचालित करने के लिए संस्थान को निर्धारित अनुमतियां और संबंधित संस्थाओं की स्वीकृति हासिल करनी होती है. काउंसिल संस्थानों का निरीक्षण भी करती है और नर्सिंग शिक्षा के निर्धारित मानकों के पालन की निगरानी करती है.

खासकर बीएससी नर्सिंग जैसे पाठ्यक्रमों में आईएनसी के निर्धारित मानकों के अनुरूप संस्थान की भौतिक अधोसंरचना, शिक्षकीय स्टाफ, क्लीनिकल सुविधाएं और अस्पताल से जुड़ी प्रशिक्षण व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है. आईएनसी की नियमावली में संस्थानों की उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए इन सुविधाओं का निरीक्षण किए जाने का प्रावधान है.

छह महीने के भीतर आईएनसी की उपयुक्तता जरूरी

नई व्यवस्था के तहत नर्सिंग कॉलेजों के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी किया जा रहा है कि राज्य स्तर पर मान्यता मिलने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर आईएनसी की आवश्यक उपयुक्तता हासिल की जाए. विशेष रूप से बीएससी नर्सिंग में प्रवेश देने वाले संस्थानों की आईएनसी संबंधी स्थिति की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

इसका सीधा असर उन कॉलेजों पर पड़ सकता है, जो राज्य स्तर की अनुमति या विश्वविद्यालय से संबद्धता तो रखते हैं, लेकिन आईएनसी के निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं.

छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल

42 संस्थानों का नाम आईएनसी की सूची से बाहर होने के बाद विद्यार्थियों के बीच सबसे बड़ा सवाल उनकी पढ़ाई और डिग्री की वैधता को लेकर है. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को कॉलेज की वर्तमान स्थिति की पुष्टि राज्य नर्सिंग काउंसिल, संबंधित विश्वविद्यालय और आईएनसी के आधिकारिक रिकॉर्ड से करने की सलाह दी जा रही है.

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