अफीम खेती मामले में कांग्रेस ने किया 10 सदस्‍यीय जांच टीम का गठन, पूर्व विधायक प्रीतम राम को बनाया संयोजक

रायपुर : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मक्का की खेती के बीच अफीम के पेड़ उगाए जाने का मामला सामने आया था. करीब 9 एकड़ की जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी. जानकारी सामने आई थी कि यह खेती भाजपा नेता विनायक ताम्रकर द्वारा की जा रही थी. इस मामले में भाजपा ने पार्टी के नेता विनायक ताम्रकार को निष्‍कासित कर दिया था. मामले के तूल पकड़ने के बाद पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने भी घटना स्‍थल का निरीक्षण किया था.

कांग्रेस ने जांच के लिए बनाई समिति

अब अफीम की खेती मामले में सियासत तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्‍यक्ष दीपक बैज ने मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया है. इसमें पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम को जांच समिति का संयोजक नियुक्त किया है. पूरे मामले में 10 सदस्‍यीय टीम जांच करेगी.

दुर्ग और बलरामपुर में आए अफीम की खेती के मामले

राज्य के दुर्ग और छत्तीसगढ़ से अफीम की खेती के मामले सामने आ चुके हैं. दोनों ही जगह अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी. पुलिस ने दोनों ही शहरों में तुरंत कार्रवाई करते हुए NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. वहीं भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आने के बाद पार्टी ने उसे संगठन से निष्‍कासित कर दिय था.

बाद में पुलिस ने विनायक ताम्रकार के साथ उसके दो अन्‍य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, मंगलवार को निष्कासित भाजपा नेता के भाई बृजेश की अवैध तरीके से बनी दुकान पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए जमींदोज कर दिया.

क्‍या है पूरा मामला?

दुर्ग के समोदा गांव में अवैध रूप से हाे रही अफीम की खेती का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है. पुलिस ने इस मामले में पहले ही भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. इसके अलावा करीब 8 लाख रुपये की अफीम भी पुलिस ने जब्त की है. पुलिस द्वारा अवैध अफीम की फसल को काटकर नष्‍ट करने की प्रक्रिया लगातार की जा रही है.

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