छत्तीसगढ़ मीडिया टीम ने की सिक्किम के सीएम प्रेम सिंह तामांग से मुलाकात, विकासात्मक पहलों और प्रगतिशील नीतियों के बारे में ली जानकारी

रायपुर : छत्तीसगढ़ की मीडिया टीम सिक्किम दौरे पर है. इस दौरान टीम ने मिन्तोकगांग में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग से शिष्टाचार भेंट की. बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने सिक्किम सरकार द्वारा की गई विभिन्न विकासात्मक पहलों और प्रगतिशील नीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने राज्य की शांत पारिस्थितिकी और चीन, नेपाल तथा भूटान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करने वाले एक रणनीतिक सीमावर्ती राज्य के रूप में इसके महत्व पर प्रकाश डाला.
सतत विकास पर जोर देते हुए उन्होंने सिक्किम में जारी जैविक खेतीप्रथाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था पर उनके सफल प्रभाव के बारे में बात की. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के उपायों और व्यापक वन क्षेत्र के महत्व को भी रेखांकित किया, जिसने सामूहिक रूप से राष्ट्र के ‘हरित राज्य’ के रूप में सिक्किम की पहचान को मजबूत किया है.
सीएम प्रेम तामांग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, सिक्किम देश के बाकी हिस्सों के साथ पहले से कहीं अधिक गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करता है. केंद्र सरकार के केंद्रित ध्यान और समावेशी दृष्टिकोण ने उनके अपनेपन की भावना को मजबूत किया है और उन बंधनों को सुदृढ़ किया है जो हमें एक राष्ट्र के रूप में जोड़ते हैं.
एकता, गौरव और साझा राष्ट्रीय पहचान के शक्तिशाली प्रतीक
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम’ जैसी पहल महज कार्यक्रम होने से कहीं आगे निकल गई हैं. वे एकता, गौरव और साझा राष्ट्रीय पहचान के शक्तिशाली प्रतीक बन गए हैं. इन प्रयासों ने पूरे देश के साथ और एक-दूसरे के साथ हमारे भावनात्मक जुड़ाव को गहरा किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे और देशभक्ति की एक नई भावना पैदा हुई है. आज, हम न केवल भौगोलिक रूप से भारत का हिस्सा महसूस करते हैं, बल्कि पूरे राष्ट्र के साथ भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से एकीकृत महसूस करते हैं.
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में लागू की गई प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताया. राज्य की पहलों के साथ समन्वय में भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया गया.