छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल ने कहा “चाहे सरकार मुझे फांसी में चढ़ा दें या गर्दन काट दें लेकिन मैं माफ़ी नहीं मागूंगा”

रायपुर। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने पर अमित बघेल के खिलाफ रायपुर के सिटी कोतवाली पुलिस ने ऍफ़आईआर दर्ज की है। अमित बघेल छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख हैं।
अमित बघेल ने कहा था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज की मूर्ति क्यों नहीं टूटती है। इनकी मूर्ति पर पेशाब क्यों नहीं करते हैं। कौन है अग्रसेन महराज। चोर है या झूठा है। पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं। मछली वाले भगवान के बारे में। उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान किया है।
अमित बघेल की इसी आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदेशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए ऍफ़आईआर दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद 28 अक्टूबर की रात को सिटी कोतवाली पुलिस ने ऍफ़आईआर दर्ज की। अमित बघेल ऍफ़आईआर होने के बाद अमित बघेल ने कहा, चाहे सरकार मुझे फांसी में चढ़ा दें या गर्दन काट दें लेकिन मैं माफ़ी नहीं मागूंगा। अपने बयान पर कायम हूँ।